जेएनएन, लुधियाना। जिला व सेशन जज गुरबीर सिंह की अध्यक्षता में कोर्ट परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 2281 केसों का निपटारा आपसी सहमति के आधार पर करवाया गया। इसमें 46 करोड़ 43 लाख 86 हजार 549 रुपये के अवॉर्ड पास किए गए। जिला एवं सेशन जज गुरबीर सिंह ने लोगों को बताया कि लोक अदालतों का एकमात्र उद्देश्य मामलों को शीघ्रता से निपटाना और भाईचारे को स्थापित करना है।

सीजेएम व सचिव जिला कानूनी सेवा अथॉरिटी आशीष अब्रोल ने कहा कि केसों के निपटारे के लिए 34 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया था। लोक अदालत बेंचों की अध्यक्षता के लिए हर लोक अदालत में एक समाज सेवक और एक सीनियर एडवोकेट को उनके सहयोग के लिए बतौर सदस्य नामजद किया गया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए निपटाए गए केसों में लगाई गई कोर्ट फीस वापस की जाती है। दोनों पक्षों के धन और समय की बचत होती है। दोनों में आपसी दुश्मनी कम होती है। इस फैसले के खिलाफ आगे कोई अपील नहीं होती। झगड़ा हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।

लोक अदालत में चेक फेल, मोटर ऐक्सिडेंट क्लेम केस, ट्रैफिक चालान व पति-पत्नी विवाद आदि के केस रखे गए थे। अतिरिक्त सेशन जज बलविंदर कुमार, अतिरिक्त सेशन जज मनीष अरोड़ा अतिरिक्त सेशन जज के एस सुल्लर, अतिरिक्त सेशन जज अजैब सिंह, अतिरिक्त सेशन जज राकेश कुमार, चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रभजोत सिंह कलेका, स्थाई लोक अदालत के चेयरमैन सुनील अरोड़ा, इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के प्रधान जीएस बक्शी, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विश्व गुप्ता, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अंकिता लूंबा, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, संदीप सिंह बाजवा, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट बलकार सिंह, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मोनिका चौहान आदि न्यायाधीशों ने विभिन्न लोक अदालत बेंचो की अध्यक्षता की।

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