संवाद सहयोगी, फगवाड़ा : राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर भारतीय जीवन बीमा निगम फगवाड़ा शाखा के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने गेट रैली करके केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान नार्दन जोन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के शाखा सचिव पुष्पिंद्र कौर ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार कार्पोरेट जगत को खुश करने की कोशिश कर रही है जिससे देश का विकास बाधित होगा। बीमा सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ा कर 74 प्रतिशत करना, एलआइसी का आइपीओ लाकर स्टाक मार्केट में प्रवेश, सरकारी बैंकों का विलय और फिर निजीकरण और यूनाइटेंड इंश्योरेंस को निजीकरण की भेंट चढ़ाने की तैयारी इसके प्रमाण हैं। इसे लेकर केंद्र सरकार की दलीलें निराधार हैं क्योंकि इंश्योरेंस में प्रसार को जीडीपी तथा एकत्रित की गई प्रीमियम आय से जोड़कर प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एलआइसी एक कानून के द्वारा 1956 में अस्तित्व में आई। इसका आइपीओ लाना ठीक नहीं है क्योंकि यह निवेश कंपनी को निजीकरण की तरफ लेकर जाएगा। एलआइसी हर महीने अपनी रिपोर्ट भारत सरकार की बीमा कंट्रोलर संस्था को देती है। यह आंकड़े संसद के समक्ष पेश होते हैं तो क्या यह पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था भारतीय जीवन बीमा निगम को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने के बिल्कुल खिलाफ है। इस दौरान शाखा प्रधान दीपक दुग्गल, शाखा कोषाध्यक्ष शिव अल्वादी तथा सुशील कुमार आदि ने भी केंद्र सरकार की निजीकरण को लेकर बनाई जा रही नीतियों के प्रति अपना रोष प्रकट किया। इस अवसर पर सुखविन्द्र सिंह, रेनू तिवाड़ी, सुरेन्द्र कुमार, अमरजीत सिंह, बलविन्द्र सिंह, वरिन्द्र कौर, भुपिंद्र सिंह, अश्वनी कुमार आदि उपस्थित थे।

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