महेश कुमार, कपूरथला

अगर आप बाजार मीट खरीदने जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। कहीं ऐसा न हो कि बीमार जानवर का मीट खाने से आपको बीमारियों की सौगात मिल जाए और फिर वह जानलेवा साबित हो। ऐसा इसलिए है क्योंकि विरासती शहर में पिछले करीब 20 वषरें से स्लाटर हाउस बंद है। नगर निगम व प्रशासन के अधिकारी लोगों की सेहत को लेकर गंभीर नहीं है। शहर में अवैध रूप से बिना टेस्टिंग के मीट बेचा जा रहा है। टेस्टिंग के तौर पर मीट बेचने के लिए काटे जाने वाले पशु का पोस्टमार्टम होना बहुत जरूरी है, जो यहा नहीं हो रहा है।

थाना सिटी से थोड़ा आगे जाकर बकरखाना के नाम से मशहूर चौक के पास स्थित पानी की टंकी के नीचे स्लाटर हाउस हुआ करता था। अब यहां पर झाड़िया उगी हुई है। इस जगह के आसपास लोगों ने अपने घर बना लिए हैं। इस रिहायशी इलाके में स्लाटर हाउस को फिर से शुरू कर पाना मुश्किल होगा।

अवैध रूप से कट रहे पशु

स्लाटर हाउस बंद होने के कारण शहर में मीट बेचने वाले दुकानदार अवैध रूप से जानवर काटकर उनका मीट बेच रहे हैं। पहले बकरखाना चौक के पास चालू स्लाटर हाउस में मौजूद वेटरनरी डॉक्टर की ओर से पशु की जाच की जाती थी। पोस्टमार्टम के बाद काटे गए पशु पर बकायदा मुहर लगती थी। तब वह उसे अपनी दुकान पर ले जाकर बेचते थे।

मीट खाने वाले हो सकते हैं बीमार

नियमानुसार बकरा, मुर्गा आदि जानवरों को काटने से पहले उनका पोस्टमार्टम होना चाहिए ताकि कोई बीमार जानवर काटकर उसका मीट बाजार में न बेच सके। पोस्टमार्टम के लिए नगर निगम में एक वेटरनरी डॉक्टर भी होता है। इसके लिए बकायदा नगर निगम चार्ज भी वसूलता था लेकिन फिलहाल ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। बिना पोस्टमार्टम के शहर में कई जगह जानवर काटे जा रहे हैं और उनका मीट बाजारों में बेचा जा रहा है। नगर निगम के जिम्मेदार ऑफिसर स्लाटर हाउस बंद होने का बहाना बनाकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

गंभीर है मामला, जाच करवाएंगे : एडीसी

एडीसी (जनरल) राहुल चाबा ने कहा कि अगर शहर का स्लाटर हाउस 20 वर्ष से बंद है तो यह एक गंभीर मामला है। वह इसकी जाच करवाएंगे। पता लगाया जाएगा कि स्लाटर हाउस क्यों बंद हुआ और अब इसे शुरू करवाने के लिए क्या करना होगा। लोगों की सेहत से खिलवाड़ किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

दो बार उठा चुका हूं स्लाटर हाउस का मुद्दा : डॉ. प्रदीप गोयल

डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन विभाग डॉ. प्रदीप गोयल ने बताया है कि वह नगर कौंसिल के पूर्व कार्यकारी अधिकारी कुलभूषण गोयल के समक्ष यह मुद्दा दो बार उठा चुके हैं। स्लाटर हाउस बनाना नगर निगम का काम है। अगर वह स्लाटर हाउस बनाते हैं और उनके विभाग से वहा डॉक्टर भेजने का कहेंगे तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

प्रोस्टेट कैंसर से लेकर स्टोन तक का खतरा

सिविल अस्पताल के डॉ. राजीव पराशर का कहना है कि दूषित मीट खाने से दस्त, गाल स्टोन, पेटदर्द, प्रोस्टेट कैंसर, एनीमिया जैसी बीमारिया जल्दी हो सकती हैं। अगर मीट खाने के साथ आप स्मोकिंग भी करते हैं तो यह और भी खतरनाक हो सकता है। मीट में काफी मात्रा में फैट होता है जिससे ओबेसिटी की प्रॉब्लम होना सामान्य बात है। दूषित मीट खाने से पाइल्स की प्रॉब्लम भी हो सकती है।

Posted By: Jagran

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