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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

घरेलू विवाद में शिअद नेता ने अपनी कार में खुद को मारी गोली, मौत

By JagranEdited By:
Published: Wed, 24 Nov 2021 09:21 PM (IST)

कपूरथला के गांव माधो झंडा निवासी शिअद नेता ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

घरेलू विवाद में शिअद नेता ने अपनी कार में खुद को मारी गोली, मौत
घरेलू विवाद में शिअद नेता ने अपनी कार में खुद को मारी गोली, मौत

संवाद सहयोगी, कपूरथला : शिरोमणि अकाली दल के युवा विग एसओआइ (स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन आफ इंडिया) के देहाती प्रधान अमरजोत सिंह ने बुधवार को बाद दोपहर 12 बजे घरेलू विवाद के चलते अपनी इनोवा कार में बैठ कर लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जिले के गांव माधो झंडा निवासी 30 वर्षीय मृतक अमरजोत सिंह बुधवार को गांव रजापुर में अपने स्वजनों से मिलने आया था। घरेलू विवाद से परेशान होकर उन्होंने खुद को गोली मार कर जान दे दी।

थाना सदर के अंतर्गत पड़ते गांव रजापुर के पास बुधवार को दोपहर 12 बजे यह घटना हुई। गोली चलने के बाद सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने अमरजोत सिंह को सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दाखिल करवाया जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उधर, घटनास्थल पर डीएसपी सुरिंदर सिंह पुलिस कर्मचारियों के साथ पहुंचे तथा जांच शुरू कर दी। पुलिस कर्मचारियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस ने मृतक के पिता पार्थी सिंह के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम उपरांत स्वजनों के हवाले कर दिया गया। उधर, अमरजोत सिंह की मौत के बाद शिअद-बसपा के उम्मीदवार जत्थेदार दविदर सिंह ढपई, शिरोमणि अकाली दल के जिला शहरी प्रधान हरजीत सिंह वालिया, सीनियर यूथ नेता सुखदेव सिंह कादूपुर एवं यूथ नेता अवि राजपूत सिविल अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने मृतक के स्वजनो के साथ शोक जताया।

पत्नी और दो बच्चों से छिन गया सहारा

पुलिस को दिए गए बयान में मृतक के पिता पार्थी सिंह ने बताया कि घर में चल रहे विवाद से दुखी होकर उसके बेटे ने अपने-आप को गोली मार कर आत्महत्या कर ली है। मृतक शादीशुदा था तथा वह अपने पिछे पत्नी, दो बच्चे एक बेटा, एक बेटी को छोड़ गया है। अस्पताल में मृतक की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल था।