राजीव कौशल, सुभानपुर नगर-पंचायत नडाला के पास लाखों रुपये का फंड आने के बावजूद सफाई कर्मचारी साइकिल पर कूड़ा उठाकर फेंकने के लिए जाने के मजबूर हैं। नगर-पंचायत के पास पुख्ता प्रबंध न होने के कारण कई-कई दिन कूड़ा जमा रहता है, जबकि सफाई कर्मचारी हफ्ते में सिर्फ एक या दो बार ही सफाई करते हैं, जिसकी वजह से जगह-जगह कूड़े का ढेर आम देखा जा सकता है।

नडाला नगर पंचायत के पास गांव से कूड़ा उठाने के लिए आठ छोटी ट्रालियां हैं। इसके बावजूद भी कई-कई दिन गांव से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। जबकि इस समय 28 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से 11 वार्डो की सफाई के लिए 11, घरों से कूड़ा उठाने के लिए 8, ट्राली से कूड़ा उठाने के लिए 5, नालों और गटर की सफाई के लिए और पांच हैं। जबकि यहां पर कर्मचारियों को पास रेहड़ी नहीं होने के कारण साइकिल पर कचरा ढोने को मजबूर हैं। अधिक कचरा होने के कारण कई बार उसे आग लगनी पड़ जाती है, जिससे उठने वाला बदबूदार धुंआ लोगों को परेशान कर डालता है।

जब कि इस बारे में लोगों का कहना है कि एसडीएम को भी कूड़ा जलाने के लिए शिकायत की थी, लेकिन अधिकारियों ने इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की

इस संबंध में गांव के दलीप सिंह कलसी, हरप्रीत सिंह, दया सिंह, सतविदर सिंह घोतड़ा, सोनू कन्नौजिया समेत अन्य ने सफाई के पुख्ता प्रबंध की मांग की, क्योंकि जनता नगर पंचायत को विभिन्न तरह से टैक्स दे रही हैं। स्वच्छता उनका मूल अधिकार है। इस संबंध में एसओ संजीव कुमार ने कहा कि इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही रेहड़ियों का प्रबंध भी कर लिया जाएगा

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