जागरण संवाददाता, कपूरथला : प्रकृति को मनुष्य का सबसे सच्चा मित्र कहा जाता है। प्रकृति ने मानव जाति को अमूल्य उपहार के रूप में वन, जल और वायु दिए हैं, लेकिन शायद मनुष्य प्रकृति के महत्व को नहीं समझता। शहर के सभी सामाजिक संगठनों ने एक अभियान शुरू किया गया है मिशन एक नीम का पेड़। लोगों को अभियान से जोड़ने और सहयोग लेने के लिए जनसंपर्क अभियान शुरू किया गया है। शहर निवासी वीणा देवी और कर्ण शर्मा निवासी माता चितापूर्णी मंदिर अजीत नगर ने 31,000 रुपये और समाजसेवी केडी परती एवं दिनेश नैयर ने शहर में लगने वाले नीम के पौधों के लिए 10000 रूपये दिए। आरएसएस के वरिष्ठ नेता सुभाष मकरंदी ने बताया कि शहर की सभी सामाजिक, धार्मिक, पर्यावरण प्रेमियों, मंदिर कमेटी के सहयोग से मिशन एक पेड़ नीम का अभियान चलाया गया है। इस अभियान तहत शहर के अलग-अलग हिस्सों में 1000 नीम और 100 पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। इस संबंध में सुभाष मकरंदी, राकेश चोपड़ा, कमल मल्होत्रा, कुलदीप शर्मा,विजय खोसला ने कहा आज प्रकृति को बचाने का संकल्प लेने की जरूरत है। महामारी ने इस दुनिया को बता दिया है कि प्रकृति से दूर रहना खतरनाक है। हमें आने वाली पीढि़यों को स्वस्थ वातावरण देने की कोशिश करनी चाहिए। अभियान के तहत कपूरथला शहर में कम से कम 1000 नीम के पौधे और 100 पीपल के पौधे लगाएं।

सुभाष मकरंदी ने कहा कि हम सभी को प्रकृति के संरक्षण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हमें उन जानवरों और पौधों को बचाना होगा जो पृथ्वी के प्राकृतिक से गायब हो रहे हैं।ये वनस्पतियां और जीव मनुष्य के सच्चे मित्र हैं और उन्हें बचाने के लिए समय लगता है।जल,जंगल और धरती इन तीन तत्वों के बिना अधूरा है। उन्होंने कहा कि इन तीन तत्वों के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है,लेकिन आज ये तीनों लगातार पृथ्वी पर अभाव में हैं।