जागरण टीम, होशियारपुर : डेंगू से पीड़ित परिवारों व अन्य शहर वासियों को अब प्लेटलेट्स के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। चूंकि सिविल अस्पताल में ही एसडीपी प्लेटलेट्स मशीन कार्यरत हो गई है। अब शहरवासियों को बड़े आराम से प्लेटलेट्स मुहैया हो पाएंगे। पहले इसके लिए एक जगह से दूसरी जगह भटकना पड़ता था और सबसे अधिक परेशानी इमरजेंसी में होती थी। जब इसके लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था। जो मरीज के लिए घातक साबित हो सकता था।

मात्र सात हजार रूपये में मिलेगी सुविधा

इस बारे में ब्लड एसोसिएशन होशियारपुर के सुमित गुप्ता ने बताया कि मशीन शुरू होने से अब मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इतना ही नहीं मरीजों को यह सुविधा मात्र सात हजार रुपये में मिलेगी, जोकि प्राइवेट अस्पतालों में ली जा रही प्रोसेसिग फीस से काफी कम है। उन्होंने बताया कि होशियारपुर में जिस प्रकार डेंगू ने अपने पैर पसार रखे हैं, उसके चलते मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए डोनर होने के बावजूद काफी परेशान होना पड़ रहा था। क्योंकि, सिविल अस्पताल में पड़़ी उक्त मशीन कार्यरत नहीं थी। इसका तर्क स्टाफ की कमी बताया जा रहा था। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति न होने के कारण वहां मौजूद स्टाफ को 4-4 कर्मियों का काम करना पड़ रहा था, जिसके कारण उन्हें भी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन यूथ डेवल्पमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन संजीव तलवाड़ के प्रयास करने एवं संस्था के पदाधिकारियों द्वारा जिलाधीश से भेंट करने के उपरांत अस्पताल में उक्त मशीन को संचालित करने के लिए स्टाफ की नियुक्ति कर दी गई है। जोकि मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए राहत की बात है। हालांकि डेंगू के प्रसार को रोकने एवं मरीजों के लिए प्राइवेट ब्लड बैंक एवं कुछेक अस्पतालों की भूमिका सराहनीय रही है। क्योंकि, वहां पर 24 घंटे स्टाफ द्वारा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

Edited By: Jagran