यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
49 कामर्शियल प्रापर्टी को अयोग्य लाभार्थियों के नाम करने के मामले में निगम के पूर्व सहायक कमिशनर गिरफ्तार
विजिलेंस ब्यूरो कपूरथला की टीम ने फगवाड़ा नगर निगम के पूर्व सहायक कमिश्नर को गिरफ्तार किया है।

संवाद सहयोगी, कपूरथला : विजिलेंस ब्यूरो कपूरथला की टीम ने फगवाड़ा में 49 सरकारी कामर्शियल प्रापर्टी खुर्द-बुर्द करने तथा अयोग्य लाभार्थियों को ट्रांसफर करने के मामले में आरोपित पाए जाने पर फगवाड़ा नगर निगम के पूर्व सहायक कमिश्नर आदर्श कुमार के खिलाफ मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो जालंधर रेंज दलजिदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि 14 दिसंबर 2016 को पंजाब सरकार की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन की रिहायशी व अन्य प्रापर्टी के किराएदार, लाईसेंस होल्डरों को मालकी के अधिकार दिए जाने थे। नोटिफिकेशन की शर्ते यह थी कि म्यूनिसिपल कारपोरेशन की मालकी वाली जगह, रिहायशी प्रापर्टी का एरिया 150 वर्ग गज व अन्य प्रापर्टी, दुकानों का क्षेत्रफल 50 वर्ग गज तक हो और इन प्रापर्टी पर किराएदारों, लाइसेंस होल्डरों के कब्जे की समय अवधि कम से कम 20 वर्ष की हो। जिस आवेदनकर्ता ने नगर निगम की प्रापर्टी पर अतिक्रमण किया हो उसे मालकी के अधिकार नहीं दिए जा सकते हैं। नगर निगम फगवाड़ा के अधीन आने वाले क्षेत्र में इस नोटिफिकेशन संबंधी पड़ताल के लिए एक कमेटी बनाई गई थी जिसमें सहायक कमिश्नर नगर निगम फगवाड़ा आदर्श कुमार को समर्थ अधिकारी के तौर पर तैनात किया गया था।
नगर निगम फगवाड़ा की विजिलेंस ब्यूरो की ओर से की गई जांच के दौरान सहायक कमिश्नर आदर्श कुमार द्वारा नगर निगम फगवाड़ा में तैनाती के दौरान म्यूनिसिपल कारपोरेशन फगवाड़ा की 49 विभिन्न प्रापर्टियों, जिनमें से अधिकांश कामर्शियल थी, के किराएदारों, लाईसेंस होल्डरों को सरकारी शर्तो के अनुसार अयोग्य होते हुए भी 49 कामर्शियल साईट वाले अयोग्य लाभार्थियों को लेटर आफ ईटेंट जारी करते हुए सर्टिफिकेट जारी कर दिया जिसके आधार पर मार्च 2017 तक उक्त 49 लाभार्थियों से अवैध तरीके से कन्वेंस डीड भी जारी कर दी गई। ऐसा करके सहायक कमिश्नर आदर्श कुमार ने जन सेवक होते हुए अपनी ड्यूटी गलत तरीके से अनुचित लाभ और रिश्वत लेने की कोशिश में निभाई। साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित की गई पालिसी की शर्तो की उल्लंघन करके अयोग्य लाभार्थियों को अनुचित लाभ देने व सरकार को वित्तीय नुक्सान पहुंचाने की कोशिश की जिसके आधार पर आदर्श कुमार के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो जालंधर में मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
