जासं, जालंधर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी वीरवार को जालंधर में वर्चुअल रैली करके विधानसभा चुनाव में अपनी एंट्री कर रहे हैं। रैली में राहुल के अलावा पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ के अलावा कौन-कौन से कांग्रेस नेता मंच पर मौजूद रहेंगे, इसे लेकर पार्टी में जबरदस्त खींचतान चल रही है। हर नेता अपने आप को आगे रखने की होड़ में जुटा है। फिलहाल, इस पर अंतिम निर्णय राहुल गांधी को लेना है। 

मुख्यमंत्री बनने को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू चन्नी व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा तथा सुनील जाखड़ में शीत युद्ध अभी भी जारी है, इसका असर भी राहुल के दौरे में दिखाई देना तय है। यह राहुल गांधी के ऊपर निर्भर करेगा कि वह अपने साथ चन्नी को मंच पर रखते हैं या फिर नवजोत सिंह सिद्धू और सुनील जाखड़ को। 

सियासी तलवारें खिंचने का भी डर

बुधवार को कांग्रेसियों की बैठक में एक विचार यह भी निकल कर आया कि अगर दलित वोट बैंक को साधना है तो मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को राहुल के साथ दिखाना ही पड़ेगा। वहीं, कांग्रेस की इस बात पर भी मंथन कर रही है कि कहीं इस कदम से सिद्धू, जाखड़ तथा चन्नी में फिर से सियासी तलवारे ना खिंच जाएं। नतीजतन, राहुल गांधी की टीम को इस बारे में भी अवगत करा दिया गया है। अब यह वीरवार को ही पता चलेगा कि राहुल अपने साथ चुनावी दौरे में पंजाब से किस नेता को ज्यादा तवज्जो देते हैं। राहुल के इस दौरे से यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि चुनाव बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री कौन बनेगा। यानी मुख्यमंत्री पद के चेहरे का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

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Edited By: Pankaj Dwivedi