ED के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर की राजनीति में एंट्री! खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की पार्टी से जुड़े; कौन हैं निरंजन सिंह?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी 'वारिस पंजाब दे' ज्वाइन की है।

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की पार्टी से जुड़े निरंजन सिंह (फोटो- सोशल मीडिया)
HighLights
निरंजन सिंह ने अमृतपाल सिंह की 'वारिस पंजाब दे' पार्टी ज्वाइन की
उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया और राजा कंदोला ड्रग रैकेट की जांच की
भ्रष्टाचार और नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया
डिजिटल डेस्क, जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने चंडीगढ़ में बुधवार को सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पार्टी 'वारिस पंजाब दे' ज्वाइन की है। उनके साथ डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों भी पार्टी से जुड़े।
निरंजन सिंह ने पूर्व पुलिस उपाधीक्षक बलविंदर सिंह सेखों के साथ खडूर साहिब सीट से अमृतपाल सिंह के पिता तरसेस सिंह की मौजूदगी में पार्टी ज्वाइन की है।
निरंजन सिंह कौन हैं और अब तक उन्होंने कितने हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की है, निरंजन ने वारिस पंजाब दे पार्टी क्यों ज्वाइन की? आइए, इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।
कौन हैं निरंजन सिंह?
निरंजन सिंह ईडी के जालंधर कार्यालय में लंबे समय तक तैनात रहे हैं। साल 2021 में उन्होंने रिटायरमेंट लिया। हालांकि, उन्होंने 2018 में ईडी छोड़ने का फैसला किया था। उस समय उनके रिटायरमेंट के तीन साल बचे थे।
आधिकारिक रूप से 31 मई, 2021 को सिंह रिटायर्ड हुए। अपने कार्यकाल में निरंजन कई हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच कर चुके हैं।
बिक्रम सिंह मजीठिया केस की जांच
सिंह धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और सरवन सिंह फिल्लौर सहित कई वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ कर चुके हैं।
इस केस के बाद उनका तबादला जालंधर से कोलकाता कर दिया गया था। हालांकि, बाद में ट्रांसफर से जुड़े फैसले को सिंह ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला रद कर दिया।
राजा कंदोला से ड्रग रैकेट तक की जांच
ईडी ने साल 2012 में ड्रग तस्कर राजा कंदोला के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद सिंह ने मामले की जांच संभाली। इस केस में छह हजार करोड़ रुपये के भोला ड्रग रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस का खुलासा हुआ। ईडी ने साल 2013 में पीएमएलए के तहत केस दर्ज किया।
क्यों ज्वाइन की अमृतपाल सिंह की पार्टी?
पूर्व ईडी अफसर ने कहा कि वह हमेशा मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे हैं। निरंजन सिंह ने कहा कि वह राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं और राजनीतिक क्षेत्र में आने की उनकी इच्छा भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि समाज में अब सवाल पूछने की आदत कम होती जा रही है और लोग अपना नफा-नुकसान सोचने तक सीमित हो गए हैं।
निरंजन सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार और नशे का माफिया चल रहा है। कोई राजनीतिक व्यक्ति इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है, जबकि राजनीतिक लोग खुद को जनता का मालिक समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने नफा-नुकसान से ऊपर उठकर व्यवस्था पर सवाल पूछने होंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मौजूदा हालात में लोगों को चुप रहने के बजाय अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। भ्रष्टाचार और नशे जैसे मुद्दों पर राजनीतिक जवाबदेही तय होना जरूरी है।
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