जागरण संवाददाता, जालंधर : जालंधर वेस्ट हलके की लाइफ लाइन मानी जाती 120 फुट रोड पर कूड़ा और मलबा फेंकने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस रोड पर अब सरकारी कम्युनिटी अस्पताल भी बन चुका है और इसके आसपास कूड़े के ढेर लग रहे हैं। इसे लेकर बार-बार आ रहीं शिकायतों के बाद नगर निगम ने सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है। अस्पताल के आसपास नाकाबंदी कर कूड़ा फेंकने वालों को पकड़ा जाएगा। इसके लिए पुलिस, अस्तपाल की सिक्योरिटी और निगम मुलाजिमों की नाकाबंदी के फार्मूले पर काम किया जाएगा। इस पर विधायक सुशील रिंकू, इस इलाके के पार्षद डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत सिंह बंटी के साथ भी निगम के हेल्थ अफसर डा. श्री कृष्ण ने चर्चा की है। डा. श्री कृष्ण का कहना है कि अस्पताल के आसपास घरों का कूड़ा कम आ रहा है। इंडस्ट्री का वेस्ट और मलबा काफी ज्यादा फेंका जा रहा है। अस्पताल के आसपास की जमीन को कवर किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस को भी शिकायत देंगे। पुलिस से अपील करेंगे कि वीर बबरीक चौक के नाके पर तैनात पुलिस मुलाजिमों से रात के समय अस्पताल के आसपास पेट्रोलिंग के लिए कहेंगे, ताकि कूड़ा फेंकने वाले पकड़़ में आ सकें। निगम की पुलिस और मुलाजिमों से भी निगरानी करवाएंगे। अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड को भी अलर्ट करेंगे। अस्पताल में अगर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो उसकी रेंज आसपास तक करवाएंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल के आसपास कूड़ा फेंकना गंभीर अपराध है और जो भी निगम की गिरफ्त में आएगा उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। मलबा काफी फेंका जा रहा है और इसके लिए डिप्टी मेयर बंटी से मदद मांगी है कि वह ठेकेदारों से भी पूछें कि कहीं वहीं तो मलबा नहीं फेंक रहे।

विधायक रिकू ने पकड़ा था इंडस्ट्री का मामला, निगम ने नहीं की कार्रवाई

विधायक सुशील रिकू ने हाल ही में एक इंडस्ट्री की वेस्ट फेंकने आई गाड़ी का पीछा करके वेस्ट फेंकने वालों का पता लगाया था। नगर निगम को कार्रवाई के लिए भी कहा था निगम ने ढिलाई बरती। विधायक का कहना है कि कूड़ा और मलबा फेंकने वालों पर कार्रवाई में ढिलाई से ही लोगों को शह मिल रही है, अगर सख्त कार्रवाई होगी तो इस पर रोक लगा सकें। नगर निगम के हेल्थ अफसर डा श्रीकृष्ण का कहना है कि 2 दिन पहले यहां पर कूड़े और मलबा साफ करवा दिया है। अब रेगुलर नजर रखी जाएगी।

120 फुट रोड पर कूड़ को लेकर विवाद नया नहीं

120 फुट रोड पर कूड़ा फेंकने को लेकर कई बार विवाद खड़ा हो चुका है। करीब 20 साल पहले यहां हालात काफी बदतर थे। कूड़ा फेंकने से रोकने के लिए सबसे ज्यादा काम पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया ने अपने कार्यकाल के दौरान किया। इसे लेकर कई अफसरों से लड़ाई भी लड़नी पड़ी। कभी इस सड़क पर छप्पड़ ही था लेकिन अब यह सड़क नया रुप ले चुकी है। हालांकि सड़क का पूरा इलाका सुनसान है और खाली जमीन काफी है इसलिए कूड़ा फेंकने वालों के लिए यह जगह साफ्ट टारगेट है।

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