संवाद सहयोगी, करतारपुर : बुधवार शाम लगभग सात बजे जालंधर-अमृतसर राष्ट्रीय मार्ग करतारपुर के पास स्थित व्हाइट स्पाट होटल के पास आल्टो और कैंटर की टक्कर हो गई। टक्कर में आल्टो में सवार कंप्यूटर टीचर महिला अमनदीप कौर और उसके बेटे तेजस की मौत हो गई। जबकि उसकी आठ साल की बेटी सीरत को मामूली चोट आई और बाल-बाल बच गई। दुर्घटना में जहां कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं कैंटर चालक कैंटर लेकर मौके से फरार हो गया।

सूर्या एंक्लेव जालंधर निवासी अमनदीप कौर पत्नी नवनीत अपने 11 वर्षीय बेटे तेजस एवं आठ वर्षीय सीरत को लेकर अपनी आल्टो में घुमाने के लिए जालंधर से दयालपुर की तरफ जा रही थी। करतारपुर से गुजरने के बाद व्हाइट स्पाट होटल के पास जाकर कार कैंटर के पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही अमनदीप कौर और उसके बेटे तेजस की मौत हो गई जबकि बेटी सीरत बाल-बाल बच गई। उसे मामूली चोट आई हैअमनदीप, तेजस और सीरत को । राहगीर अपने गाड़ी में डालकर दयालपुर स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर गए जहां डाक्टरों ने अमनदीप और तेजस को मृत घोषित कर दिया जबकि सीरत का प्राथमिक उपचार किया गया। इस संबंध में एएसआई गुरदेव सिंह ने बताया कि दुर्घटना की खबर सुनते ही घटनास्थल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार कैंटर से टकराई है और कैंटर चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया है, उसको पकड़ने के लिए कंट्रोल रूम को सूचित कर दिया गया है।

रायपुर रसूलपुर के सरकारी स्कूल में थी टीचर

करतारपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार, एएसआइ गुरदेव सिंह एवं पुलिस पार्टी ने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी थी। मृतक अमनदीप कौर के पति नवनीत व रिश्तेदार डाक्टर बलबीर चंद गांव मन्नना करतारपुर ने बताया कि अमनदीप कौर रायपुर रसूलपुर के सरकारी स्कूल में कंप्यूटर टीचर थी। उन्होंने बताया कि बच्चों के कहने पर अमनदीप कार चला कर बच्चों को घुमाने के लिए लाई थी और रास्ते में दुर्घटना घट गई। पहला मैनू अमन नाल मिलाओ, मेरा तां सब कुछ लुट गया..

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दीपक कुमार, करतारपुर : दुर्घटना की खबर सुनने के बाद बेहोशी की हालत में मृतक अमनदीप कौर के पति नवनीत अपने परिजनों के साथ दयालपुर स्थित निजी अस्पताल में पहुंचे, जहां पर पत्नी और बेटी के शव पड़े हुए थे। वहां पर उसकी स्थिति देखने लायक थी और कह रहे थे कि पहला मेनू अमन नाल मिलाओ ओ मैनु बहुत प्यार कर दी है। ऐसा कहते हुए एक दो बार जमीन पर भी गिर गए। नवनीत के साथ आए जीजा डा. बलबीर चंद ने उन्हें संभाला। अस्पताल के बाहर सारा माहौल गमगीन हुआ पड़ा था और कुछ लोगों की आंखों में आंसू छलक रहे थे।

पिता को देखकर घायल बेटी सीरत ने कहा पापा-पापा : अस्पताल पहुंचने के बाद सबसे पहले वहां पुलिस ने मृतका के पति नवनीत का हौसला बढ़ाया और अस्पताल के एक बेड पर लेटी आठ वर्षीय सीरत जो दुर्घटना के बाद काफी सहमी हुई थी, से मिलवाया। लेकिन जैसे ही उसने अपने पिता को देखा तो सीरत पापा पापा पुकारने लगी। पिता ने बेटी के सिर पर हाथ फेरकर प्यार किया लेकिन खुद रोते हुए एक कुर्सी पर बैठ गए। उसके परिजनों ने नवनीत को हौसला रखने की बात की लेकिन बाद में नवनीत अपने लाडले बेटे तेजस के शव को देख न पाए। उनका रो-रो कर बुरा हाल था। नवनीत भी सरकारी स्कूल में कंप्यूटर टीचर हैं।

Edited By: Jagran