जालंधर, आनलाइन डेस्क। टोक्यो अलंपिक में शनिवार सुबह भारतीय हाकी टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला मैच खेला और शानदार जीत हासिल की। टीम ने 3-2 से पहला मैच अपने नाम किया। खास बात यह रही कि मैच में पंजाब के खिलाड़ियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। टीम के उप कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मैच में दो गोल दागे। वहीं रूपिंदर पाल सिंह ने भी एक गोल दाग भारतीय टीम को जीत की दहलीज पर ला दिया। ओलंपिक में हाकी टीम की शानदार शुरुआत से पूरे देश में खुशी की लहर है।

मैच में दो गोल दागने वाले हरमनप्रीत सिंह अमृतसर के रहने वाले हैं और रुपिंदरपाल का घर फरीदकोट में है। मैच में हरमनप्रीत ने दो पैनल्टी कार्नर को गोल में तब्दील किया। शनिवार सुबह से ही उनका परिवार मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। उन्हें टीम इंडिया की जीत का पूरा विश्वास था। लेकिन मैच में हरमनप्रीत के शानदार प्रदर्शन ने उनकी खुशी को दोगुना कर दिया।

हरमनप्रीत सिंह अपने पिता सर्बजीत सिंह, मां रजविंदर कौर, भाई कोमलप्रीत सिंह।

पिता सर्बजीत सिंह ने कहा कि उन्हें बेटे पर गर्व है। उसने ये मुकाम अपनी कड़ी मेहनत से हासिल किया है। उन्हें भरोसा है कि उनका बेटा गोल्ड लेकर ही लौटेगा। उन्होंने बताया कि हरमनप्रीत छठी कक्षा में पढ़ता था, तो उसे जालंधर स्थित एक निजी अकादमी में एक साल लगवाया था, जिसके बाद दसवीं कक्षा में जालंधर स्थित सुरजीत सिंह हाकी अकादमी में आयोजित ट्रायल देकर आगे निकला और नेशनल खेला। हरमनप्रीत सिंह ओलंपियन जुगराज सिंह को अपना रोल माडल मानते हैं।

बाबा फरीद नगर में खुशी की लहर

वहीं रूपिंदर पाल सिंह के शानदार प्रदर्शन से फरीदकोट शहर के नजदीक चहल रोड़ स्थित बाबा फरीद नगर में उसके परिवार व रिश्तेदारों के साथ खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। उन्होंने रूपिंदर पाल सिंह समेत पूरी हाकी टीम के बेहतर प्रदर्शन का कारवां यूं ही जारी रहने और ओलंपिक का स्वर्ण पदक जीत कर लाने का विश्वास जताया है। रुपिंदर पाल सिंह इससे पहले अगस्त 2016 में ब्राजील में हुई 31वीं ओलंपिक खेल में भी भारतीय टीम का हिस्सा बन अपनी प्रतिभा के जौहर दिखा चुके हैं। रूपिंदर की मां सुखविंदर कौर ने कहा कि पिछले ओलंपिक में पदक न लाने का उन्हें मलाल है, लेकिन इस बार उन्हें पूरा यकीन है कि रूपिंदर व उनके टीम के साथी सर्वश्रेष्ठ खेल का प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत कर लाएंगे।

टोक्यो स्टेडियम में प्रैक्टिस के दौरान ओलंपिक खेलों के प्रतीक के साथ रूपिंदर पाल सिंह।

 

 

Edited By: Vikas_Kumar