लापरवाही की इंतहा, चार साल में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा, पंजाब सरकार व स्मार्ट सिटी कंपनी को परवाह नहीं

-पहला फेज डेढ़ महीने में नहीं हो पाएगा पूरा, 1250 कैमरे लगने है, प्रोजेक्ट के नाम पर सिर्फ इमारत खड़ी

-निगम कमिश्नर व स्मार्ट सिटी की सीईओ अवकाश पर, तार डालने के लिए रोड कटिंग की मंजूरी भी नहीं मिली अभी तक जागरण संवाददाता, जालंधर : चार साल पहले जालंधर की सुरक्षा को लेकर मंजूर किए गए सीसीटीवी कैमरों के प्रोजेक्ट आईसीसीसी (इंटेग्रेटिड कमाड एंड कंट्रोल सेंटर) के तहत एक भी सीसीटीवी कैमरा नगर निगम नहीं लगा पाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के तमाम स्मार्ट सिटी में एक साथ इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 15 अगस्त को करना है। जालंधर में हालात ये हैं कि प्रधानमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर भी निगम को कोई परवाह नहीं है। अभी तक न तो तारें बिछाने की मंजूरी दी गई और न ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो पाया है। डेढ़ महीने में सारा काम पूरा होना संभव नहीं है।

77.77 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में 1250 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। प्रधानमंत्री से उद्घाटन की तिथि मिलने के बाद केन्द्र सरकार ने संबंधित नगर निगमों को इसकी जानकारी भी भेज दी है कि काम तेजी के साथ पूरा करवाएं। केंद्र सरकार के निर्देश आते ही इस पर एक बार तो काम तेज हुआ था लेकिन अब न स्मार्ट सिटी कंपनी में कोई सीईओ हैं और न ही नगर निगम में कमिश्नर। यह दोनों पद आईएएस दीपशिखा शर्मा के पास हैं और वह 31 जुलाई तक छुट्टी पर हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन दी थी लेकिन उनके अवकाश पर होने के कारण अति महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया।

इस प्रोजेक्ट के लिए स्मार्ट सिटी और नगर निगम में तालमेल जरूरी है और दोनों पदों पर एक ही अधिकारी की नियुक्ति से फायदा मिल सकता था लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा। अब मामला मंजूरी पर टिका है। स्मार्ट सिटी कंपनी के इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही काट्रैक्ट कंपनी को शहर में तारें डालने और खंभे लगाने के काम के लिए निगम से रोड कटिंग की मंजूरी लेनी है। यह मामला हाउस में गया तो इसके लंबा समय लग सकता है और स्मार्ट सिटी कंपनी के प्रोजेक्टों से नाराज चल रहे पार्षद इसमें रुकावट भी बन सकते हैं। -------- पहले फेज में 41 लोकेशन पर लगेंगे कैंमरे

स्मार्ट सिटी कंपनी को 15 अगस्त से पहले प्रोजेक्ट के एक फेज पर काम करना है। इसके लिए 41 लोकेशन फाइनल की गई है। सबसे पहले माडल टाउन, बीएसएफ चौक, गुरु नानक मिशन चौक, कंपनी बाग चौक के इलाके कवर किए जाने हैं। इन जगह पर खंभे लगाए जाने हैं और इन खंबों को अंडर ग्राउंड तारों से कनेक्ट करना है। तारें डालने के लिए कई जगह से सड़क को तोड़ना पड़ेगा। इन तारों से ही सीसीटीवी कैमरों की कनेक्टिविटी होगी। तारों को बिछाने और खंभे लगाने के लिए निगम से मंजूरी लेना जरूरी है। यह मंजूरी का मामला हाउस में रखा जा सकता है। ऐसा होता है तो इसके समय लग सकता है। ------- पहले फेज की लोकेशन

- नामदेव चौक

- कंपनी बाग चौक

- माता रानी चौक माडल टाउन

- गुलशन होटल

- अमन नगर मोड-केएमवी

- सेठी बैटरी माडल हाउस

- माता रानी चौक माडल हाउस

- लम्मा पिंड चौक

- वडाला रोड फेस 2

- सेंट सोल्जर कालेज टी प्वाइंट दानिशमंदा

- टी प्वाइंट लेदर कंप्लेक्स

- टी प्वाइंट मिट्ठू बस्ती पटवारखाना

- टी प्वाइंट शास्त्री नगर

- रोहिनी कालोनी बस्ती पीरदाद

- बीएसएफ चौक

- नंगलशामा चौक

- ढिलवा चौक

- स्काईलार्क होटल

- सर्किट हाउस

- सिविल अस्पताल

- देशभगत यादगार हाल

- एसबीआई सिविल लाइन्स

- चुनमुन चौक

- गुरु नानक मिशन चौक

- कमल पैलेस होटल चौक

- आबादपुरा टी प्वाइंट माल रोड

- क्रासिंग लाडोवाली रोड

- पुडा ग्राउंड डीसी कार्यालय

- समरा चौक

- नेताजी पार्क मास्टर तारा सिंह नग

- परागपुर चुंगी

- शास्त्री मार्किट चौक

- अंध विद्यालय फेस 2

- जीएनए चौक

- मसंद चौक

- भगवान वाल्मिकी चौक

- टी प्वाइंट नो एग्जिट माडल टाउन

- तारामाउंट होटल

- बीएमसी फ्लाईओवर एंट्री एंड एग्जिट प्वाइंट

- सतलुज चौक

- गुरु रविदास चौक

------------------------------------------------- कंट्रोल रुम बनाने की तैयारी

1250 कैमरों से शहर पर नजर रखने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए शहर के सभी संवेदनशील इलाकों की मानिटरिंग के लिए पुलिस लाइन में कंट्रोल रुम बनाने का काम तेज हो गया है। स्मार्ट सिटी कंपनी ने पुलिस लाइन परिसर में कंट्रोल रुम की इमारत चार साल पहले ही खड़ी कर दी थी लेकिन तब प्रोजेक्ट को रोक दिया गया था जिस वजह से कंट्रोल रुम नहीं बना। अब इस पर तेजी से काम हो रहा है। शहर में लगने वाले कैमरों से कंट्रोल रुम में बैठ कर ही नजर रखी जाएगी लेकिन कैमरे लगेंगे तो ही कंट्रोल रुम का फायदा मिलेगा। -------

यह अधिकारी है लेटलतीफी के लिए जिम्मेवार नगर निगम के एसई राजनीश डोगरा

कहा कि आईसीसीसी प्रोजेक्ट के तहत खंभे लगाने और तारें डालने के लिए ठेकेदार ने अनुमति मागी है। इसके लिए फीस का एस्टीमेट बनाकर ठेकेदार को दिया है। रोड कटिंग की मंजूरी मेयर और कमिश्नर से पूछकर फाइनल की जाएगी।

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निगम कमिश्नर

निगम कमिश्नर व स्मार्ट सिटी कंपनी की सीईओ दीपशिखा शर्मा अवकाश पर हैं इसलिए प्रोजेक्ट पर और देरी हो रही है। उनके स्थान स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ का चार्ज किसी दूसरे अधिकारी के पास नहीं है।

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मेयर जगदीश राजा

कहा कि आईसीसीसी प्रोजेक्ट शहर के हित में है और अगर निगम से मंजूरी के कारण काम रुक रहा है तो ऐसा नहीं होने देंगे। मंजूरी के लिए प्रस्ताव को हाउस में भी बाद में रख सकते हैं। फाइल आने पर काम शुरू करवाने के लिए कंपनी को एंटिसिपेशन पर मंजूरी दे देंगे। आईएएस करनेश शर्मा

स्मार्ट सिटी कंपनी के पूर्व सीईओ का कहना है कि कोरोना काल में रुके काम को गति दी और टेंडर पास करवा कर वर्क आर्डर जारी करवाया है। उम्मीद है कि आगे भी इस पर काम तेज रहेगा।

Edited By: Jagran