संवाद सहयोगी, बटाला। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लड़कर हमारे कई जांबाज सैनिक जीवन बलिदान देकर राष्ट्र की एकता व अखंडता बरकरार रखते हैं। शहीदों की इस कड़ी में तीन साल पहले एक और नाम जुड़ा था सेना की 4 पैरा स्पेशल फोर्स के लांस नायक संदीप सिंह का। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में पाक प्रशिक्षित आतंकियों की घुसपैठ रोकते हुए तीन खूंखार आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था। उन्होंने वर्ष 2016 में भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक का हिस्सा बन एक हीरो के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी। 

शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि शहीद लांस नायक संदीप सिंह का जन्म 5 सितंबर, 1988 को माता कुलविंदर कौर व पिता जगदेव सिंह के घर गांव कोटला खुर्द में हुआ था। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं करने के बाद 2007 को यह सेना की 22 सिख यूनिट में भर्ती हो गए थे। खतरों से खेलने का शौक रखने वाले संदीप सिंह जून 2012 को 4 पैरा स्पेशल फोर्स यूनिट में शामिल होकर देश सेवा में जुट गए। 22 सितंबर, 2018 को जब उनकी यूनिट को जम्मू कश्मीर के तंगधार सेक्टर में आतंकियों की घुसपैठ की सूचना मिली तो लांस नायक संदीप सिंह अपने सैन्य दल के साथ एलओसी पर जा डटे। आतंकियों की नजर जब उन पर पड़ी तो उन्होंने सैन्य टुकड़ी पर गोलाबारी शुरू कर दी।

ऋणी देश ने किया शौर्य चक्र से सम्मानित

लांस नायक संदीप सिंह ने आतंकियों की गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए तीन खूंखार आतंकियों को मार गिराया। इसी बीच चौथे आतंकी की गोली उनके सीने को भेदते हुए निकल गई और उन्होंने साथी सैनिकों को बचाते हुए शहादत का जाम पी लिया। उनकी इस बहादुरी को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

22 सितंबर को दी जाएगी श्रद्धांजलि

कुंवर विक्की ने बताया कि जांबाज सैनिक संदीप सिंह की शहादत को नमन करने के लिए 22 सितंबर को उनके गांव कोटला खुर्द में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कई गणमान्य व सैन्य अधिकारी शामिल होकर भारत मां के इस महान सपूत को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।

Edited By: Pankaj Dwivedi