जागरण संवाददाता, जालंधर। वित्त विभाग की मंजूरी के बावजूद शिक्षा विभाग में रेगुलर न करने से खफा एसएसए मिड डे मील दफ्तरी मुलाजिम एक दिसंबर को शिक्षा मंत्री परगट सिंह कोठी का घेराव करेंगे। कर्मचारियों का रोष यही है कि सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल (एजी) की नियुक्ति लीगल राय देने के लिए की जाती है। मगर ऐसा पहली बार हुआ है कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की तरफ से 22 महीने से एजी पंजाब से एक भी लीगल राय नहीं ली गई।

शोबित, आशीष जुलाहा, मोहित शर्मा, विशाल महाजन ने कहा कि 2018 में सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान में 8886 अध्यापकों को विभाग में पक्का कर दिया था, जबकि दफ्तरी कर्मचारियों को पक्का नहीं किया गया। शिक्षा मंत्री अधिकारी लगातार यही कहते आ रहे हैं कि आपका बनता हक अध्यापकों की तरह ही देंगे, मगर वित्त विभाग की तरफ से 16 दिसंबर 2019 में मंजूरी मिलने के बावजूद शिक्षा मंत्री मुलाजिमों क रेगुलर करने का मामला कैबिनेट से पास नहीं करवा सके। जब भी शिक्षा मंत्री से मिलते हैं तो यही कहा जाता है कि मामला उनके ध्यान में है।

यूनियन के सदस्य केवल शिक्षा मंत्री ही नहीं सरकार के प्रत्येक मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सहित सभी विधायकों को मिल चुके हैं, मगर उनके केस सुनने के बाद किसी ने भी उनके हक की बात नहीं की। यही कारण है कि सरकार प्रति सभी में रोष है। मुख्यमंत्री चन्नी कई बार ब्यान दे चुके हैं कि 36 हजार कच्चे

मुलाजिम रेगुलर किए हैं, मगर इसकी सच्चाई केवल बयानों तक सीमित है। जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। यही कारण है कि वे शिक्षा मंत्री की कोठी घेरने जा रहे हैं।

Edited By: Vinay Kumar