जागरण संवाददाता, जालंधर : मकसूदां सब्जी मंडी में फड़ियां शिफ्ट करने का काम अधर में है। इसके लिए करीब छह माह पहले की गई निशानदेही महज औपचारिकता साबित हुई है। तमाम के प्रयासों के बावजूद राजनीतिक दबाव के चलते अभी तक इन पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। मंडी बोर्ड के लिए कमाई का साधन बनाने की बजाय इन फड़ियों से बोर्ड को दोहरा नुकसान हो रहा है। एक तो इससे मंडी बोर्ड को कोई आय नहीं हो रही है, उपर से इनके कारण फैल रही गंदगी का इंतजाम भी बोर्ड को करना पड़ रहा है।

मंडी में लगाई जा रही करीब 400 फड़ियों से कुछ दलाल रोजाना 100 से 200 रुपये प्रति फड़ी वसूली कर रहे है। मंडी बोर्ड अगर अपने स्तर पर फड़ियों से वसूली करे तो निश्चित रूप से करोड़ों रुपये की आय हो सकती है।

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बोर्ड को करना पड़ता है कूड़े का प्रबंधन

मंडी में अवैध रूप से लगने वाली इन फड़ियों से रोजाना कई क्विंटल वेस्ट निकलता है। इसमें सब्जियों के पत्ते व अन्य वेस्ट शामिल हैं। इस कूड़े का प्रबंधन मंडी बोर्ड को खुद के खर्चे पर करना पड़ रहा है। इस पर लाखों रुपये का खर्च हो रहे हैं।

कांग्रेस नेता की शह पर नहीं होती कार्रवाई

मकसूदां सब्जी मंडी में फड़ियां हटाने को लेकर पहले कई बार प्रयास किए गए जा चुके है। एक कांग्रेस नेता की शह पर इन फड़ियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। कारण, इनसे वसूली करने वाले कुछ लोगों का इस कांग्रेस नेता के साथ अच्छी सांठगांठ है। इसके चलते कई बार तैयारी करने के बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं हो पाई है।

जल्द होगी कार्रवाई

जिला मंडी अधिकारी वरिदर खेड़ा बताते है कि फड़ियों को शिफ्ट करने को लेकर तैयारी की जा रही है। इन्हें जल्द ही मंडी के पीछे वाले स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।

Posted By: Jagran

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