जागरण संवाददाता, जालंधर : कमल विहार रेलवे क्रासिंग से लेकर सूर्या एन्क्लेव तक के करीब 300 घरों को अब जल्द ही छतों से गुजरती हाईटेंशन तारों से निजात मिल जाएगी। लोग करीब 15 साल से इन्हें यहां से शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे। शनिवार को इन तारों को शिफ्ट कराने का काम शुरू हो गया। 13.80 लाख रुपये की लागत के इस प्रोजेक्ट से कई कालोनियों के लोगों को राहत मिलेगी।

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटीज के प्रधान राजन गुप्ता ने बताया कि कमल विहार, बशीरपुरा, ठाकुर सिंह कालोनी और सूर्या एन्क्लेव के लोग काफी समय से विधायक राजिंदर बेरी से मकानों के ऊपर से गुजर रहीं हाईटेंशन तारों को शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे। इन तारों से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती थी।

विधायक के प्रयासों की बदौलत शनिवार को इन तारों को शिफ्ट करने का काम शुरू हो गया। कमल विहार रेलवे क्रॉसिंग से सूर्या एन्क्लेव तक 300 से अधिक मकानों की छतों के ऊपर से गुजरने वाली इन 11 हजार केवी की हाईटेंशन तारों के चलते लोगों का छतों पर चढ़ना भी नामुमकिन हुआ था। लोग करीब 15 वर्षों से लोग इन हाईटेंशन तारों को शिफ्ट करने की गुहार लगा रहे थे।

सांसद ने अपने फंड से मुहैया कराई राशि

बेरी विधायक बेरी ने बताया कि लोगों की समस्या जायज थी। इस संबंध में पावरकॉम के अधिकारियों से संपर्क किया गया पर विशेष बजट और प्रावधान की कमी के चलते तारों को शिफ्ट करना संभव नहीं था। इसके चलते सांसद चौधरी संतोख सिंह से संपर्क किया। सांसद ने अपने फंड में से पहले चरण में तारों को शिफ्ट करने के लिए सात लाख रुपये की राशि मुहैया करवा दी है।

इसके चलते ही शनिवार को इस काम की शुरूआत हो सकी। सांसद चौधरी संतोख ¨सह ने बताया कि वे जल्द ही बकाया राशि भी उपलब्ध करवा देंगे ताकि इस काम को पूरा किया जा सके। बताया जा रहा है कि अगले दो से तीन महीनों में हाईटेंशन तारों को शिफ्ट करने का यह काम पूरा हो जाएगा।