जालंधर के सैदा गेट–रैनक बाजार में रात को दिखा सांभर, वीडियो वायरल; जंगलात विभाग बोला—सूचना नहीं मिली
जालंधर के सैदां गेट इलाके में रविवार सुबह एक सांभर हिरण आवासीय क्षेत्र में घुस आया, जिससे हड़कंप मच गया। ...और पढ़ें

जालंधर में सरेआम घूमता सांभर।
HighLights
जालंधर के सैदां गेट में सांभर हिरण का प्रवेश।
वन विभाग के पहुंचने से पहले हिरण आगे निकला।
शहर में वन्यजीवों के प्रवेश की घटनाएं बढ़ीं।
जागरण संवाददाता, जालंधर। सर्दियों के मौसम में ठंड और धुंध बढ़ने के साथ ही जंगली जानवर भोजन की तलाश में अक्सर जंगलों से भटककर शहरों में पहुंच जाते हैं। इसी कड़ी में गत रात शहर के अतिव्यस्त सैदा गेट, रैनक बाजार और भगवान वाल्मीकि चौक के पास सड़कों पर एक सांभर हिरण को दौड़ते हुए देखा गया। सांभर के सड़क पर तेज रफ्तार से भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद रविवार पूरे दिन बाजार और आसपास के इलाकों में यह घटना चर्चा का विषय बनी रही।
स्थानीय लोगों के अनुसार सांभर रात को भगवान वाल्मीकि चौक से होते हुए सैदा गेट और फिर रैनक बाजार की गलियों में पहुंचा। देर रात सड़के खाली होने के कारण सांभर बिना किसी रुकावट के गलियों से दौड़ता हुआ आगे निकल गया। इलाका निवासियों ने इसकी सूचना नगर निगम और जंगलात विभाग को दी, लेकिन तब तक वह दूर निकल चुका था।
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भटक कर पहुंचा रिहायशी इलाके में
रैनक बाजार के दुकानदार अमित कुमार ने बताया कि सुबह बाजार खुलने पर लोगों को पता चला कि रात को सांभर बाजार में घूमता रहा था। कई दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने वीडियो देखकर इसकी पुष्टि की। उनका कहना है कि बाजार बंद होने के कारण वह आसानी से भाग गया और पकड़ा नहीं जा सका। हो सकता है कि वे रात भटक कर रिहायशी इलाके में आ गया।
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जंगलात विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा
जंगलात विभाग के कर्मी प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली। यदि सूचना मिलती तो टीम मौके पर पहुंचकर सांभर को सुरक्षित पकड़ जंगल में छोड़ सकती थी। उन्होंने बताया कि इस मौसम में जिले के विभिन्न इलाकों से करीब 12 सांभर पकड़े जा चुके हैं, जिन्हें जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि सांभर या किसी भी जंगली जानवर के पीछे भागने से बचें, क्योंकि डरकर वे तेज गति से भागते हैं और वाहनों से टकराकर घायल हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने सलाह दी कि इस स्थिति में सांभर को पानी या कोई वस्तु नहीं देनी चाहिए, क्योंकि इससे वह और अधिक असहज हो सकता है
