यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को भूले कांग्रेसी, जालंधर में जयंती पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे मात्र 20 नेता
जालंधर में शुक्रवार को संविधान चौक स्थित स्व. बेअंत सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करने मात्र 20 कांग्रेस नेता ...और पढ़ें

जालंधर, जेएनएन। स्थानीय निकाय चुनावों में रिकार्ड जीत के दो दिन बाद कांग्रेस नेता पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बेअंत सिंह की जयंती पर उन्हें भूल गए। शुक्रवार को संविधान चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करने मात्र 20 कांग्रेस नेता ही पहुंचे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलदेव सिंह देव के अतिरिक्त कोई भी बड़ा नेता, शहर के विधायक या पार्षद उन्हें नमन करने नहीं पहुंचे। आतंकवाद के दौर में स्व. बेअंत सिंह ने ही कांग्रेस की कमान संभाली थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में आतंकवाद का सफाया करके पंजाब में कांग्रेस को मजबूत किया था। बता दें कि इस समय शहर के चारों विधायक कांग्रेस के ही है। पंजाब में हाल में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को भारी जीत हासिल हुई है।
स्वर्गीय बेअंत सिंह का जालंधर से गहरा नाता रहा था। इसके बावजूद भी उनकी जयंती पर बहुत कम नेता और कार्यकर्ता उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। स्व. बेअंत सिंह के जन्मदिन की तारीख को लेकर भी विवाद है। उनकी प्रतिमा पर लगे पटल पर जन्म तिथि 19 फरवरी, 1923 बताई गई है जबकि रिकॉर्ड में 19 फरवरी, 1922 लिखी है। वह वर्ष 1992 से लेकर वर्ष 1995 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे थे।
अगस्त 1995 में की गई थी स्व. बेअंत सिंह की हत्या
बता दें कि चंडीगढ़ में सिविल सचिवालय के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी। यह घटना 31 अगस्त, 1995 की है। तब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह सिविल सचिवालय से निकलकर अपनी कार की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान आतंकवादियों ने उनकी कार को मानव बम से निशाना बनाया था। खौफनाक घटना में 16 अन्य लोगों को भी जान से हाथ धोना पड़ा था। हत्याकांड को अंजाम पंजाब पुलिस के ही एक कर्मचारी दिलावर सिंह ने दिया था। उसने ही आत्मघाती हमलावर के रूप में खुद को उड़ाया था।
