जालंधर [मनुपाल शर्मा]। एक ही वर्ष में तेल की कीमतों में  प्रति लीटर 60 रुपए से भी ज्यादा का इजाफा करने के बावजूद पेट्रोलियम डीलर्स का मार्जिन न बढ़ाए जाने और कम हो चुकी बिक्री से खफा होकर पेट्रोल पंप ही बंद कर दिया। हैरानीजनक यह है कि उक्त बड़ा फैसला पेट्रोलियम डीलर्स की मांगे तेल कंपनियों एवं सरकार के समक्ष रखने वाली पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन, पंजाब पीपीडीएपी के प्रवक्ता मोंटी गुरमीत सहगल ने लिया है जो हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड एचपीसीएल का पंप आदमपुर में फ्यूल प्वाइंट के नाम से चलाते हैं।

मोंटी गुरमीत सहगल ने कहा कि उन्हें पेट्रोल पंप चलाने से उनका घाटा लगातार बढ़ रहा है। वह बड़ी मुश्किल से स्टाफ का वेतन और अन्य खर्च ही निकाल पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनके पेट्रोल पंप से रोजाना लगभग 10 केएल (10000 लीटर) पेट्रोल की बिक्री प्रतिदिन होती थी। जो अब कम होकर लगभग 6 केएल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह लगातार तेल कंपनियों से मुनाफा बढ़ाए जाने की मांग भी कर रहे थे, लेकिन तेल कंपनियों के अधिकारी मात्र अपने बिक्री के टारगेट पूरे करने पर तुले हुए हैं और डीलर्स को नाहक परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घाटा इतना बढ़ चुका है कि डीलर्स के आगे अब परिवार चला पाने का भी संकट है। तेल कंपनियों ने करोड़ों की इन्वेस्टमेंट करवाई और बिक्री होने के झूठे आंकड़े भी बताए जाते रहे लेकिन यह तेल की बिक्री को बढ़ाने भर की कोशिश ही थी।

उन्होंने कहा कि अब तेल कंपनियां यह कह रही हैं कि पेट्रोल पंप का बकाया ज्यादा खड़ा हो रहा है। इस कारण पंप बंद हो रहे हैं लेकिन सच्चाई यही है कि घाटा बढ़ रहा है। इसी वजह से बकाया खड़ा हो रहा मोंटी गुरमीत सिंह ने कहा कि पेट्रोलियम डीलर्स को पेट्रोल की बिक्री पर प्रति लीटर 3 रुपए और डीजल की बिक्री पर प्रति लीटर 2 रुपए मार्जिन दिया जाता है। डीलर मार्जन बीते 4 वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है, जबकि इस अवधि के दौरान तेल की कीमत में प्रति लीटर कई 100 गुना बढ़ चुकी है।

मोटी गुरमीत सहगल ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से पेट्रोल डीजल की बिक्री पर बैठ पूरे उत्तर भारत में सबसे ज्यादा वसूला जा रहा है जिस वजह से पंजाब के पापों की सारी बिक्री अन्य राज्यों में शिफ्ट हो गई है बिक्री 30 फीसद से ज्यादा गिर चुकी है। पेट्रोल पंप डीलर भारी आर्थिक संकट से घिर गए हैं। यही वजह है कि बीते वर्ष पंजाब के एक वरिष्ठ पेट्रोल पंप संचालक की तरफ से आत्महत्या तक कर ली गई थी।

Edited By: Vinay Kumar