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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंस्‍पेक्‍टर की बेटी का फेसबुक पोस्ट- मंत्री के आगे घुटने न टेके तो पापा को फंसा दिया

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Sat, 24 Jun 2017 11:04 AM (IST)

ड्रग तस्‍करी में पकड़े गए इंस्‍पेक्‍टर इंदरजीत सिंह की बेटी उनके बचाव में उतर आई है। उसने पिता के पक्ष मेें फेसबुक पर एक के बाद एक पोस्‍ट किए हैं।

इंस्‍पेक्‍टर की बेटी का फेसबुक पोस्ट- मंत्री के आगे घुटने न टेके तो पापा को फंसा दिया
इंस्‍पेक्‍टर की बेटी का फेसबुक पोस्ट- मंत्री के आगे घुटने न टेके तो पापा को फंसा दिया

जेएनएन, जालंधर। नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार पूर्व इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह की बेटी प्रिया नागपाल पिता के बचाव में उतरी आई है। प्रिया ने फेसबुक पर खबरों की कटिंग दिखाते पोस्ट कर लिखा है कि उसके पापा ने किसी भी मंत्री के घुटने नहीं टेकेे इसीलिए फंस गए हैं।

नशा तस्करी में गिरफ्तार पूर्व इंस्पेक्टर के बचाव में उतरी बेटी, फेसबुक पर छेड़ी मुहिम

प्रिया नागपाल पटियाला मेडिकल कालेज में सीनियर डॉक्टर है। प्रिया ने शुक्रवार को चार पोस्ट डाली। उन्‍होंने पहली पोस्ट में लिखा है, ' फर्जी मीडिया रोजाना इंदरजीत की ये प्रॉपर्टी-वो प्रॉपर्टी लिख रहा है। अगर इतनी सारी प्रॉपर्टी होती तो वे एक सरकारी क्वार्टर में क्यों रह रहे होते और उसकी बेटियां किराये के घरों में क्यों रहतीं। यह भी लिखा कि उनका केवल एक घर अमृतसर में है, जोकि ढाई लाख रुपये में 1991 में लिया गया था। उसे सरकार से लोन लेकर बनवाया गया था।'

पटियाला मेडिकल कॉलेज में है सीनियर डॉक्टर है

इसके बाद दूसरी पोस्ट में प्रिया ने एक पोस्ट को शेयर किया है, जिसमें इंदरजीत सिंह को एक ईमानदार अफसर और बेस्ट व्यक्ति बताया गया है। वहीं उसके जल्द बाहर आने की कामना की है। इसके बाद प्रिया ने एक और पोस्‍ट किया और इसमें लिखा कि पापा ने किसी भी मिनिस्टर के आगे गोड़े (घुटने) नहीं टेके। जो सही था बस वही किया। इसी के कारण आज वह इस केस में फंस गए हैं।' उसने इंदरजीत के लिए न्याय की मांग की है।

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इसके बाद प्रिया ने एक और पोस्ट किया है और इसमें लिखा, 'मुझे याद है कि आतंकवाद का दौर। जब हम रोज आतंकवाद से लड़ र‍हे अपने पिता के लिए प्रार्थना करते थे। मुझे मां के चेहरे का भय याद है जब पिता के साथी का शव आया था। अपनी जान हमेशा हथेली पर रखने वाले पापा को गैलेंटरी अवार्ड मिला है। अब गैलेंटरी अवार्ड लेने वाला अफसर एक फर्जी न्यूज से अपराधी बन गया।' पोस्ट के साथ एक खबर भी शेयर की है, जिसमें आतंकवाद के दौरान पहनी बदन पर खाकी शीर्षक है।

यह था मामला

12 जून को एसटीएफ की टीम ने इंस्पेक्टर इंदरजीत को पुलिस लाइन जालंधर से पकड़ा था। जालंधर और फगवाड़ा स्थित स्टाफ क्वार्टर से तलाशी में 383 कारतूस अलग-अलग बंदूकों के मिले थे। इनमें 41 कारतूस 12 बोर के, 43 कारतूस 315 बोर के, 60 कारतूस 32 बोर के, 66 कारतूस 9 एमएम पिस्टल के, 33 कारतूस 32 बोर के, 115 कारतूस एके 47 व 125 कारतूस 7.62 बोर के मिले थे।

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इसके अलावा 9 एमएम की इटालियन पिस्टल व 38 बोर पिस्टल समेत एके 47 व साढ़े 16 लाख रुपए और 3550 पाउंड मिले थे। वहीं अजायब सिंह को टीम ने 13 जून को पकड़ा था। कपूरथला में उससे एक पिस्तौल, एक रिवाल्वर, 150 कारतूस और 1600 नशीली गोलियां बरामद की थी। मामले में दोंनों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।