जागरण संवाददाता, जालंधर : मोटापा घातक बीमारी का कारण बन रहा है। लोगों में मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ने लगा है। जीवन शैली में बदलाव लाने से इससे बचा जा सकता है। वीरवार को जम्मू अस्पताल के एमडी डॉ. गुरविदर सिंह जम्मू ने जम्मू अस्पताल में हुई पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि मोटापा पुरुषों के मुकाबलें महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है। 37 फीसद महिलाएं मोटापे की गिरफ्त में हैं। इस वजह से महिलाओं में संतान सुख को लेकर समस्याएं पैदा हो रही हैं। डॉ. जम्मू ने बताया कि खेतों में कामकाज से दूरी और भौतिक सुविधाओं की वजह से ज्यादातर लोगों में मोटापा बढ़ रहा है और मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर की गिरफ्त में आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मोटापे को बीमारी की श्रेणी में शामिल किया है।

बच्चों में भी बढ़ रहा मोटापा : खेल के मैदान से दूरी, मोबाइल व लैपटॉप पर गेम्स में व्यस्त रहना और फास्ट फूड के अधिक खाने से बच्चों में मोटापा अधिक रिपोर्ट हो रहा है। 18.5 से 29.9 बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआइ) तक के लोग डाइट व व्यायाम से मोटापे से छुटकारा पाने में सफल हो जाते हैं। मधुमेह व हाई बीपी समेत अन्य बीमारियों के साथ 34 से अधिक बीएमआइ वाले लोगों के लिए मोटापे से निजात पाने के लिए बेरियाट्रिक एंड मेटाबोलिक सर्जरी कारगर साबित होती है। उन्होंने अस्पताल में 11 साल के बच्चे और 84 साल के बुजुर्ग की बेरियाट्रिक सर्जरी करने का दावा किया।

डॉ. जम्मू ने बताया कि महंगी सर्जरी से निजात दिलाने के लिए बीमा कंपनियां सहायक सिद्ध होने लगी हैं। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ सर्विस और ईसीएचएस के दायरे में आने वाले मुलाजिमों को बेरियाट्रिक सर्जरी का लाभ दिया जा रहा है। दूसरी बीमा कंपनियां भी इसी तर्ज पर काम करने लगी हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने भी 'फिट इंडिया' प्रोग्राम के तहत मोटापे के खिलाफ जंग शुरू करने का एलान किया है।

Posted By: Jagran

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