मोहाली/जालंधर, जेएनएन। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने आरएसएस नेता ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा हत्याकांड मामले में कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी। इस चार्जशीट में सभी अरोपितों के खिलाफ कत्ल, साजिश व हथियार इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। एनआइए ने चार अक्टूबर को इस केस में अंतर राष्ट्रीय प्रभाव का हवाला देते हुए चार्जशीट दाखिल करने के लिए 60 दिनों का समय मांगा था, लेकिन अब 40 दिन के अंदर ही चार्जशीट दायर कर दी गई।

एनआइए ने दावा किया है कि गगनेजा की हत्या की साजिश पाकिस्तान, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इटली व यूएई सहित कई देशों में रची गई। साजिश के तहत अपराधियों को इटली, ऑस्ट्रेलिया व यूके से फंडिंग की गई थी, जिसमें हरदीप सिंह व रमनदीप सिंह शामिल थे। यह फंड हत्याकांड को अंजाम देने के लिए हथियार खरीदने व अन्य सामान खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया।

इस केस को पटियाला की अदालत में शिफ्ट करने के लिए 21 नवंबर को सुनवाई होगी। इस साल अक्टूबर में एनआइए की अदालत ने आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं हत्या मामले में चार्जशीट की कॉपी भी सुपुर्द कर दी थी। टारगेट किलिंग मामले में नामजद पांच आरोपितों ने वकील के जरिए इसकी कॉपी हासिल की थी, क्योंकि यह सारे आरोपित तिहाड़ जेल में बंद हैं। वे गगनेजा व गोसाईं कत्ल केस में भी सह आरोपित हैं।

हिट लिस्ट में थे गगनेजा

पंजाब में टारगेट किलिंग के मामलों में गगनेजा हिट लिस्ट में थे। उन्हें छह अगस्त, 2016 को जालंधर में गोली मार दी गई थी। वह अपनी पत्नी के साथ बाजार गए थे। स्थानीय अस्पताल में सर्जरी के बाद उनको सात अगस्त को डीएमसी अस्पताल लुधियाना रेफर किया गया था। 22 सितंबर को उनकी मौत हो गई। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सरकार ने यह केस सीबीआइ के हवाले किया था।

पाकिस्तान, इटली व यूके में छिपे हैं आरोपित

एनआइए ने गगनेजा कत्ल केस में आरोपित हरदीप सिंह, रमनदीप सिंह, धरमिंदर सिंह, अनिल कुमार व जगतार सिंह पर आरोप तय किए हैं, बाकी तीन हरमीत सिंह हैप्पी, गुरजिंदर सिंह व गुरशरनबीर सिंह को गिरफ्तार करना बाकी है। इनके क्रमश: पाकिस्तान, इटली व यूके में छिपे होने का शक है। एजेंसी ने चार्जशीट में दावा किया है कि गगनेजा की हत्या केएलएफ ने एक ट्रांस नेशनल साजिश के तहत की थी। उन पर हत्या का प्रयास, गैरकानूनी गतिविधियां एक्ट व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

तीन आरोपितों को मेरठ से किया गया था गिरफ्तार

छह दिसंबर, 2017 को धरमिंदर सिंह गुगनी व अन्य तीन आरोपितों रमनदीप बग्गा, हरदीप सिंह शेरा व पहाड़ सिंह को मेरठ में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने दावा किया कि पंजाब में जनवरी 2016 से अक्टूबर 2017 के बीच टारगेट किलिंग या हत्या के आठ प्रयासों को इस योजना के तहत अंजाम दिया गया था। सभी पीड़ित कुछ विशिष्ट समुदाय व संगठनों से जुड़े हुए थे। एनआइए ने कहा कि पंजाब में हत्याओं को अंजाम देने में मुख्य साजिशकर्ता व हथियार सप्लायर होने के कारण गुगनी की भूमिका का पता लगाया गया है। गुगनी पर बदमाशों को मुख्य हथियार व गोला बारूद पहुंचाने का भी आरोप है।

हत्यारों को दी गई थी ट्रेनिंग

रमनदीप सिंह से पूछताछ में धरमिंदर का नाम आया। वह अमरप्रीत सिंह सेठी हत्या मामले में भी मुख्य शूटर है। साजिश में हरदीप व रमनदीप की इटली, दुबई व यूएई में भर्ती व ट्रेनिंग हुई थी। हरदीप इटली और रमनदीप सिंह लुधियाना का रहने वाला है। उनको ट्रेनिंग यूके में मिली थी।

छह महीने में तीन बार जालंधर पहुंची थी एनआइए

जगदीश गगनेजा की हत्या का मामला पहले जालंधर शहरी पुलिस ने दर्ज किया था। मामला आरएसएस से जुड़ा होने की वजह से जांच सीबीआइ को दी गई, लेकिन बाद में जांच एनआइए को सौंप दी गई थी। इसके बाद एनआइए की टीम छह महीने में तीन बार जालंधर आई। जिस दौरान उन्होंने वारदात स्थल की पूरी जांच की। जिन लोगों से जालंधर पुलिस ने पहले बयान लिए थे, उनसे एनआइए की जांच टीम ने दोबारा पूछताछ की थी। इसके अलावा उन पुलिस अफसरों से भी पूछताछ की गई थी, जो शुरुआत में इसकी जांच से जुड़े रहे। जिस तरफ हत्यारे भागे थे, वह रूट भी जांच टीम ने देखा था। इस रास्ते में आने वाले हर सीसीटीवी फुटेज उन्होंने अपनी जांच में शामिल किया था।

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Posted By: Sat Paul

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