अमृतसर, जागरण संवाददाता/ एएनआई। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रधान बनाए जाने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू बुधवार को अमृतसर में शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस के 83 में से 62 विधायकों के साथ उन्होंने श्री दरबार साहिब में माथा टेका। उनके साथ पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ भी मौजूद रहे। श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होने के बाद वह जलियांवाला बाग और श्री दुर्गियाणा मंदिर भी पहुंचे और माथा टेका। यह पूरी कसरत नए पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष सिद्धू का 'पावर शो' है। इससे सिद्धू के पंजाब कांग्रेस में मजबूत होने और सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह खेमे के कमजोर पड़ने का संकेत मिलता है।

इससे पहले, सुबह श्री दरबार साहिब में काफी संख्‍या में लाेग उमड़ पड़े। पूरा परिसर कांग्रेसियों से अटा पड़ा रहा। इससे पहले होली सिटी स्थित उनकी कोठी पर सुबह कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के अलावा बड़ी संख्या में विधायक पहुंचे। श्री दरबार साहिब परिसर में दाखिल होते ही सिद्धू व विधायकों ने 'जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल' के जयकारे लगाए। खास बात यह भी रही कि पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ भी सिद्धू के साथ नजर आए।

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दोपहर करीब 01:40 बजे सिद्धू माथा टेकने के लिए मुख्य भवन में दाखिल हुए। नवजोत सिंह सिद्धू और उनके साथी विधायकों की टीम करीब डेढ़ घंटा श्री दरबार साहिब परिसर में रही। सिद्धू ने दंडवत होकर माथा टेका और सारी टीम के साथ परिक्रमा की। इसके बाद सिद्धू अपनी टीम के साथ दरबार साहिब से वापस रवाना हो गए। लौटते समय सिद्धू खेमे की बस जलियांवाला बाग के बाह भी रुकी। सभी वहां नतमस्तक हुए और दोबारा बस में सवार हो गए। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार सिद्धू की कोठी पर कांग्रेस के 83 में से 62 विधायक पहुंचे। ऐसे में सिद्धू मजबूत दिख रहे हैं और सवाल उठ रहे हैं कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह कमजोर पड़ गए हैं।

 

कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कैप्‍टन की सिद्धू से माफी की मांग पर उठाया सवाल

नवजोत सिद्धू और उनके आवास पर पहुंचे विधायक बसों में दरबार साहिब पहुंचे। कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया। यह सभी को स्वीकार्य होना चाहिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह अब सिद्धू को माफी मांगने को कह रहे हैं।

 

बस में श्री दरबार साहिब के लिए रवाना होते विधायक। जागरण

उन्होंने कहा कि यदि वह माफी मंगवाना चाहते थे तो सिद्धू के प्रधान बनने से पहले अपनी बात सोनिया गांधी व राहुल गांधी के समक्ष रखते। जब प्रताप सिंह बाजवा प्रधान बने थे, तब हम कैप्टन के साथ थे, लेकिन हाईकमान के फैसले के बाद प्रताप सिंह बाजवा के विरोधी होने के बावजूद हमने अपने हलके में उनकी रैली करवाई थी। इसलिए हाईकमान का फैसला सर्वमान्य है।

 

बुधवार सुबह सिद्धू की कोठी में पहुंचे विधायकों में हरमिंदर गिल, सुनील दत्ती, सुरजीत धीमान, राजा बड़िंग, सुखजीत रंधावा, हरजोत कमाल, दविंदर घुबाया, प्रीतम कोटभाई, परमिंदर पिंकी, बरिंदरजीत पहरा, सुखविंदर डैनी, तृप्त राजिंदर बाजवा, अंगद सैनी, शेर सिंह घुबाया, संगत गिलजियां, परगट सिंह शामिल हैं।

नवजोत सिंह सिद्धू के साथ श्री दरबार साहिब पहुंचे पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़।

बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) की कमान मिलने के बाद मंगलवार को गुरुनगरी पहुंचे थे और इस दौरान वह अपने पुराने अंदाज में दिखे थे। गोल्डन गेट पर लगे भव्य स्वागत के लिए कांग्रेस वर्करों ने ‘आ गया सिद्धू, छा गया सिद्धू, बोले सो निहाल-सतश्री अकाल, कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगाए और कांग्रेस पार्टी के झंडे फहराकर उनका स्वागत किया। 40 मिनट के स्वागत समारोह में सिद्धू व उनके समर्थकों ने पूरी ताकत दिखाई। उनके स्वागत में आतिशबाजी भी हुई। किसी ने बुके तो किसी ने सिरोपा और फूलों मालाओं से उनका सम्मान किया।

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