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आउटसोर्स पर नगर निगम, ठेके पर चल रहा काम

नगर निगम का अपना ढांचा लगातार कमजोर होने लगा है।

By JagranEdited By: Published: Mon, 28 Sep 2020 04:47 AM (IST)Updated: Mon, 28 Sep 2020 05:12 AM (IST)
आउटसोर्स पर नगर निगम, ठेके पर चल रहा काम
आउटसोर्स पर नगर निगम, ठेके पर चल रहा काम

जगजीत सिंह सुशांत, जालंधर

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शहर के विकास और लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी संभालने वाले नगर निगम का अपना ढांचा लगातार कमजोर होता जा रहा है। नगर निगम के पक्के मुलाजिम रिटायर हो रहे हैं, लेकिन उनकी जगह नई भर्ती नहीं हो रही, क्योंकि नई भर्ती बंद है। ऐसे में ठेके पर मुलाजिमों को रखकर काम चलाना पड़ रहा है।

अप्रैल से लेकर सितंबर तक करीब 150 मुलाजिम रिटायर हो गए हैं। 30 सितंबर को भी 100 मुलाजिम रिटायर होंगे, जिनमें डीसीएफए रविद्र सिंह, सुपरिटेंडेंट उमा महेश्वर, एक्सईएन गुरचैन सिंह आदि शामिल हैं। पंजाब सरकार ने नई भर्ती पर रोक लगा रखी है, जिस कारण आउटसोर्स पर मुलाजिम रखकर काम चलाना पड़ रहा है। आउटसोर्स पर रखे जाने वाले मुलाजिमों को पक्के मुलाजिमों के मुकाबले 25 से 30 फीसद तक सैलरी मिलती है। नगर निगम इससे पैसा तो बचा लेता है, लेकिन ठेका मुलाजिमों की जिम्मेवारी तय करना मुश्किल हो जाता है। जो मुलाजिम रिटायर हो रहे हैं, उन्हें उनके रिटायरमेंट फंड भी देने होंगे। यह राशि करीब 30 करोड़ बनती है। सबसे बड़ी चिता यही है कि यह पैसा कहां से आएगा। ब एंडआर और ओएंडएम का काम ठेके पर रखे एसडीओ और जेई के हवाले

शहर के विकास में सबसे महत्वपूर्ण योगदान देने वाले बिल्डिंग एंड रोड्स डिपार्टमेंट और ऑपरेशन एंड मेंटीनेंस ब्रांच का काम 80 फीसद तक ठेका मुलाजिमों पर निर्भर हो गया है। सड़क, सीवरेज और पानी की जिम्मेदारी संभालने वाले इन दोनों विभागों में अधिकांश एसडीओ और जेई आउटसोर्स पर काम कर रहे हैं। इनके काम में कमी नहीं है, लेकिन ठेके पर रखे मुलाजिमों को पूरी जिम्मेवारी नहीं दी जा सकती। अगर इन मुलाजिमों को कोई बेहतर अवसर मिलता है तो यह तुरंत काम छोड़कर भी जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त लगभग सभी ब्रांचों में कंप्यूटर ऑपरेटर भी ठेके पर ही हैं। करीब 22 जेसीबी ऑपरेटर समेत कई तकनीकी पदों पर भी आउटसोर्स से ही मुलाजिम तैनात किए गए हैं। सफाई मुलाजिमों की गिनती भी लगातार कम हो रही

नगर निगम में सफाई मुलाजिमों की गिनती भी लगातार कम हो रही है। सफाई मुलाजिमों के करीब 2264 पद हैं, जिसमें से 400 से ज्यादा पद खाली हैं। 30 सितंबर को भी 30 से ज्यादा सफाई सेवक रिटायर हो रहे हैं। नगर निगम यूनियनें पहले ही यह दबाव बना रही हैं कि सफाई सेवकों की पक्की भर्ती की जाए। जैसे-जैसे सफाई सेवकों की गिनती कम होगी, वैसे वैसे दबाव भी बढ़ता जाएगा। शहर के कई ऐसे वार्ड हैं जहां पर सफाई मुलाजिमों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है और पार्षदों में रोष है। नियमों के मुताबिक पुरुष सफाई सेवक एक किलोमीटर और महिला सफाई सेवक 800 मीटर सड़क की सफाई कर सकती है। नगर निगम हद में सड़कों की लंबाई 3000 किलोमीटर से ज्यादा हो गई है और सभी इलाकों में सफाई के लिए 1000 से ज्यादा सफाई सेवकों की भर्ती की आवश्यकता है। प्रमोट किए मुलाजिम संभाल रहे जिम्मेवारी, व्यवस्था हो रही प्रभावित

सभी विभागों में खाली हो रहे पदों पर मुलाजिमों को प्रमोट करके काम करवाया जा रहा है। इससे कई विभागों में व्यवस्था भी बिगड़ रही है। इसमें दबाव की राजनीति भी काम करती है और ऐसे मुलाजिमों को महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी मिल रही है जो पद के हिसाब से क्षमता नहीं रखते हैं। निगम प्रशासन के लिए इसे रोकना भी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि प्रमोशन के लिए कई तरह का दबाव बढ़ रहा है। नई भर्ती के लिए मंत्री संग मीटिग होगी : मेयर

मेयर जगदीश राज राजा ने कहा कि मुलाजिमों की बड़ी गिनती में रिटायरमेंट से नगर निगम का काम प्रभावित हो रहा है। मुलाजिमों की रिटायरमेंट के लिए फंड का काफी इंतजाम कर लिया है। मंगलवार को लोकल बॉडी मंत्री ब्रह्मा मोहिदरा के साथ मीटिग रखी है, जिसमें नई भर्ती के लिए बात होगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स पर भी मुलाजिम रखने के लिए बात चल रही है। किस ब्रांच में कितने मुलाजिम आउटसोर्स पर तैनात

बीएंडआर ब्राच : 20

ओएंडएम ब्राच : 20

हेल्थ डिपार्टमेंट : 22

सभी विभागों में कंप्यूटर ऑपरेटर : 40

ऑपरेशन एंड मेंटीनेस डिपार्टमेंट : 180


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