जेएनएन, नवांशहर। बेहतर लाइफ स्टाइल पर मां-बेटी ने 15 लाख रुपये खर्च कर दिए। इस कर्ज को चुकाने के लिए मां ने बेटी के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और NRI पति की हत्या करवा दी, ताकि कोई रोक-टोक न करे और उसके खातेे से पैैैैसे उड़ाए जा सकें। गत वीरवार को हुई हत्या में थाना सदर बंगा की पुलिस ने मां-बेटी सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपितों को दो दिन के रिमांड पर लिया है। NRI बलबीर सिंह लेबनान में रहता था और फरवरी में उसे वापस जाना था। उसका एक बेटा लेबनान में ही रहता है।

एसएसपी अलका मीना ने बताया कि थाना सदर बंगा के गांव खटकड़ कलां में 16 जनवरी की रात को घर में सो रहे NRI बलबीर सिंह की हत्या हुई थी। इसकी जानकारी मृतक की पत्नी अमरजीत कौर व उसकी लड़की अमनदीप कौर ने दी थी। अमरजीत कौर ने पुलिस को बताया था कि उसके पति की हत्या लूटपाट की नीयत से की गई है, लेकिन पुलिस को उसके बयानों पर संदेह हुआ और एक टीम बनाकर इसकी जांच शुरू कर दी गई।

जांच में सामने आया कि अमरजीत कौर व उसकी बेटी की लाइफ स्टाइल बेहतर थी। वह आजादी से जीना चाहती थी। उन्हें कोई रोके-टोके नहीं, इसके लिए दोनों ने साजिश रची। अमरजीत कौर की तबीयत कुछ खराब रहती थी, इसलिए वह होशियारपुर के गांव जियान निवासी जसविंदर कौर के पास दवाई लेने आया-जाया करती थी। जसविंदर कौर गांव में देसी दवाई देने का काम करती है। दोनों मुंह बोली बहनें बन गई थीं।

अमरजीत ने जसविंदर कौर से हत्या करवाने की बात कही। जसविंदर ने इसमें होशियारपुर निवासी अशोक कुमार, शिवा व सद्दाम हुसैन को शामिल कर लिया। अशोक भी देसी दवाई देता था, जबकि शिवा व सद्दाम रेहड़ी लगाते हैं। अशोक व जसविंदर पर पहले भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।

ऐसे की NRI की हत्या

मां-बेटी ने 16 जनवरी की रात को पहले घर में रखे पालतू कुत्ते को अफीम खिलाकर बेहोश कर दिया और आरोपितों को घर की उपरी मंजिल में छुपा दिया। रात के समय सभी ने पूर्व सैनिक व NRI बलवीर सिंह को तकिए से मुंह दबाकर मारने की कोशिश की, लेकिन वो पकड़ में नहीं आया। इसके बाद आरोपितों ने बलबीर सिंह की गर्दन पर चाकू से वार कर दिया और उसकी गर्दन की हड्डी तोड़ दी।

गुमराह करने के लिए दिया लूट का बयान

एसएसपी ने बताया कि मृतक की पत्नी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए लूटपाट की नीयत से हत्या का मामला दर्ज कराया था। उसने बताया कि घर से 45 हजार रुपये व दो सोने के बिस्कुट चुरा लिए गए हैं। यह साबित करने के लिए दोनों ने घर में रखा सामान बिखेर दिया था। जांच के दौरान पाया कि घर का कोई भी सामान चोरी नहीं हुआ था। पुलिस ने एक दिन पहले आरोपितों पर लूट का झूठा केस दर्ज किया था, ताकि उन्हें शक न हो।

पांच लाख रुपये में हुई थी डील

बलबीर सिंह की हत्या करने के लिए आरोपितों से पांच लाख रुपये में डील पक्की हुई थी। हत्या करने से पहले आरोपितों को 28 हजार रुपये व कुछ ब्लैंक चेक दिए गए थे। बाकी के पैसे बाद में देना तय हुआ था। बलबीर सिंह के बैंक में 16 लाख रुपये थे। हत्या उसके पैसे हड़पने के लिए ही की गई थी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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