संवाद सहयोगी, फिरोजपुर। यहां ट्रैफिक पुलिस के एएसआइ पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नशे में एक व्यक्ति ने पहलने एएसआइ के साथ झगड़ा किया और फिर लगभग दो दर्जन लोगों को बुलाकर निजी रंंजिश में हमला कर दिया। तलंवडी भाई के ट्रैफिक इंंचार्ज गुरप्रीत सिंह पर हुए हमले पर 27 आरोपितोंं पर पर्चा दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपित ने शराबी हालात में स्कूटी एएसआइ की कार के आगे लगाई और बहस करने लगा। उस समय एएसआइ ट्रैफिक इंंचार्ज गुरप्रीत सिंह मुदकी शनिवार रात सवा आठ बजे ड्यूटी से घर लौट रहे थे।

थाना घल्लखुर्द के एएसआइ दिलबाग सिंह ने बताया कि पुलिस को दिए बयान में एएसआइ गुरप्रीत सिंह ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज तलवंडी भाई ने बताया कि वह शनिवार रात अपनी कार से मुदकी से ड्यूटी खत्म करके घर जा रहे थे। रास्ते में उसके दोस्त रणबीर सिंह व किक्कर सिंह मिल गए। वे उनके पास रुक कर घरेलू बातें करने लगे। तभी वहां आरोपित सुरेश कुमार उर्फ ज्ञानी निवासी मुदकी ने नशे की हालत में अपनी स्कूटी लेकर पहुंचा। उसने स्कूटी उनकी कार के आगे लगा दी और उन्हें गालियां देते हुए मारने की धमकी देने लगा।

इसी दौरान, दूसरा आरोपित दविद्र सिंह उर्फ पिंकी 20-25 अज्ञात लोगों के साथ वहां आ गया। इसके बाद आरोपितों ने उस पर हमला कर दिया। इसके बाद वह शिकायतकर्ता हरदीप सिंह नीलू, रणबीर सिंह व किक्कर सिंह की सहायता से वहां बचकर भागे। शोर-शराबा होने पर सभी आरोपित मौके से फरार हो गए। जांच कर रहे दिलबाग सिंह ने बताया कि आरोपितों पर मामला दर्ज करके अगली कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

केंद्रीय जेल की तलाशी में मोबाइल फोन बरामद

संवाद सहयोगी, फिरोजपुर। केंद्रीय जेल मेंअधिकारियों ने तलाशी के दौरान एक मोबाइल फोन, बैटरी व सिम कार्ड बरामद किया है। पुलिस ने जेल अधिकारी के बयान पर 1 विचाराधीन कैदी केखिलाफ विभिन्न धाराओं तहत माला दर्ज किया है। एएसआइ बलबीर सिंह के अनुसार पुलिस को गुरतेज सिंह सहायक सुपरिंटेंडेंट केंद्रीय जेल ने बताया कि उन्होंने बीते दिन जेल कर्मचारियों के साथ जेल में तलाशी ली थी। इस दौरान ब्लाक नंबर 1 की बैरक नंबर 3 में विचाराधीन कैदी विक्रमजीत सिंह विक्की निवासी गांव जंड वाला भीमेशाहस, थाना अरनीवाला, जिला फाजिल्का से 1 मोबाइल फोनसैमसंग, बैटरी व सिम कार्ड बरामद किया है। आरोपित पर मामला दर्ज करकेअगली कार्रवाई शुरु कर दी है।

Edited By: Pankaj Dwivedi