जागरण संवाददाता, जालंधर

कैंसर की बीमारी लंबे अर्से से बीमारी संबंधित मौतों के प्रमुख कारणों में एक है। विभिन्न प्रकार के कैंसर में से ब्लैडर कैंसर दुनिया में नौवें नंबर पर है। हर साल लगभग 4.3 लाख नए लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस बात की जानकारी जालंधर यूरोलोजी सोसायटी व पटेल अस्पताल की ओर से ब्लैडर कैंसर पर आयोजित दो दिवसीय कांफ्रेंस में पटेल अस्पताल के यूरोलाजी विभाग के प्रमुख डा. स्वप्न सूद ने दी।

उन्होंने कहा कि 2020 में ब्लैडर कैंसर के 18921 नए मामले सामने आए। 2020 तक एक लाख आबादी में से पुरुषों 2.4 और महिलाओं में 0.7 की दर के साथ ब्लैडर कैंसर के मामले रिपोर्ट हुए। पुरुषों में मृत्यु दर में 1.3 और महिलाओं में 0.3 दर्ज की गई है। उन्होंने इलाज के लिए रोबोटिक सर्जरी को कारगर बताया । इसमें खून का कम नुकसान, अस्पताल में कम समय रहना, दर्द और परेशानी में कमी जैसे कई फायदे हैं। रोबोटिक सर्जरी से सर्जन जटिल मामलों में छोटे चीरे द्वारा सर्जरी करने के योग्य हो गए हैं। इससे पहले सोसायटी के प्रदेश प्रधान डा. आरएस चहल ने कांफ्रेंस का शुभारंभ किया। कोकिलाबेन अस्पताल मुंबई से डा. टीबी युवीराजा, राजीव गांधी कैंसर अस्पताल नई दिल्ली से डा. सुधीर रावल, पटेल अस्पताल के डा. स्वप्न सूद व पीजीआइ चंडीगढ़ से डा. संतोष कुमार कांफ्रेंस में आए थे। इसके अलावा पटेल अस्पताल की डा. अनुभा भरथुआर और डा. आंचल अग्रवाल ने ब्लैडर कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के विषय पर विचार व्यक्त किए। इस मौके पर डा. कमलजीत सिंह, डा. जैसमीन कौर, डा. अतुल मित्तल के अलावा पंजाब, जम्मू -कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आए डाक्टर मौजूद थे।

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