जालंधर, जेएनएन। सर्वोदय अस्पताल में डॉ. राजेश अग्रवाल और डॉ. पंकज त्रिवेदी में हुई झड़प के बाद सिविल अस्पताल में काटी गई मेडिको लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) को लेकर मामला गरमा गया है। डॉ. राजेश अग्रवाल की पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत के आधार पर अस्पताल प्रशासन ने भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

शिकायत में डॉ. राजेश अग्रवाल का आरोप है कि डॉ. पंकज त्रिवेदी को एमएलआर कटने के काफी दिनों बाद उसमें हाथ की उंगली पर लगी चोट को भी जोड़ दिया है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच की मांग की थी। इसके आधार पर पुलिस कमिश्नर ने शुक्रवार को सिविल अस्पताल प्रशासन को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। अस्पताल के कार्यकारी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चन्नजीव सिंह बताया कि मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाया गया है। इसमें फोरेंसिक, आर्थो स्पेशलिस्ट व रोडियोलॉजिस्ट को शामिल किया गया है। बोर्ड को डॉ. त्रिवेदी को बुलाकर जांच करने व उसके बयान दर्ज की हिदायतें दी गई है।

 

अस्पताल के लिए चुनौती बनेगी जांच

डॉ. राजेश अग्रवाल और डॉ. पंकज त्रिवेदी ने सिविल अस्पताल में डॉ. राज कुमार बद्धन से एमएलआर कटवाई थी। इसके बाद कुछ दिनों बाद डॉ. पंकज त्रिवेदी ने निजी सेंटर से एमआरआइ करवाकर हाथ की उंगली की चोट भी पर्चे में जोड़ दी। सरकारी अस्पताल में एमएलआर में संशोधन के लिए सरकारी संस्थान से एमआरआइ तथा बोर्ड की सलाह को आधार बनाया जाता है। इस मामले में न तो बोर्ड बना और न ही सरकारी संस्थान से एमआरआइ करवाई गई। अब जांच के लिए गठित बोर्ड दोबारा सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर से एमआरआइ करवाएगा। ज्यादातर केसों में पुरानी चोटें एमआरआइ में कम दिखाई देती है। ऐसे में बोर्ड को जांच करने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

 

 

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Posted By: Pankaj Dwivedi

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