जेएनएन, जालंधर। लोकसभा चुनाव खत्म हो गए हैं। ऐसे में आचार संहिता हटने से कॉलेजों के प्रबंधन को उम्मीद है कि अब संबंधित कॉलेजों को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली ग्रांट जल्द रिलीज होगी। गौर हो कि नवंबर से लेकर फरवरी तक की कॉलेजों को ग्रांट नहीं पहुंची है। इसका कारण लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार द्वारा किसी भी कॉलेज को ग्रांट रिलीज करना न रहा है। उधर, जिस कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी आर्थिक तौर पर मजबूत थी, उनके शिक्षकों को पांच महीने में से एक-दो माह की तनख्वाह दे दी गई। मगर, जिन कॉलेजों की मैनेजमेंट कमेटी आर्थिक रूप से कमजोर है और ग्रांट पर ही निर्भर रहती है, उनके शिक्षकों को तनख्वाह अभी तक नहीं मिली है। उधर, डीपीआइ कॉलेजिज ने अप्रैल में कॉलेजों को नॉटीफिकेशन जारी किया था कि ग्रांट-इन-एड के तहत काम कर रहे टीचिंग व नॉन टीचिंग को तनख्वाह दी जाए। कर्मचारियों को मिलने वाली तनख्वाह की अदायगी मैनेजमेंट करे। मैनेजमेंट द्वारा दी जाने वाली तनख्वाह को ग्रांट के रूप में रिलीज राज्य सरकार करती है। उधर, अब लोकसभा चुनाव खत्म होने के साथ कॉलेज मैनेजमेंटों को ग्रांट रिलीज होने की आस जग गई है। राज्य में कुल 137 एडेड कॉलेज हैं। प्रति माह कॉलेज की ग्रांट सौ करोड़ के करीब बनती है। 1600 टीचर व नॉन टी¨चग ग्रांट-इन-एड स्कीम में आते हैं। इन कॉलेजों में 1926 टीचर व नॉन टी¨चग स्टाफ सदस्य ऐसे हैं, जो स्कीम के अंतर्गत नहीं हैं। फिलहाल कई कालेज ऐसे हैं, जो ग्रांट पर निर्भर करते हैं।

सरकार ग्रांट जारी करे

प्रिंसिपल एसोसिएशन नॉन-गवर्नमेंट एफिलिएटिड कॉलेजिज के प्रधान गुरपिंदर सिंह समरा ने कहा कि मार्च तक की ग्रांट सरकार ने रिलीज नहीं की है। लोकसभा चुनाव के चलते सरकार ने ग्रांट को रिलीज करना मुनासिब नहीं समझा। अब सरकार को चाहिए कि ग्रांट रिलीज करें, ताकि शिक्षकों की तनख्वाह दी जा सकें।

शिक्षक वेतन के इंतजार में

एचएमवी कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अजय सरीन ने कहा कि अब लोकसभा चुनाव खत्म हो चुके है। सरकार से उम्मीद है कि कॉलेजों की ग्रांट जल्द रिलीज करें। फिलहाल शिक्षक तनख्वाह के इंतजार में है। पहले से ही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की राशि रिलीज न होने के चलते कॉलेज वित्तीय संकट में है।

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