जागरण संवाददाता जालंधर : शहर में 70000 एलइडी स्ट्रीट लाइट लगाने के 44 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को पूरा होने में अभी तीन महीने का समय और लग जाएगा। अब तक करीब 47000 एलइडी स्ट्रीट लाइट लग चुकी है और बाकी 23000 लाइट अगले तीन महीनों में लगेंगी।

एलईडी लाइट लगाने का उद्देश्य बेहतर सेवा के साथ-साथ नगर निगम पर भारी पड़ रहे स्ट्रीट लाइट के बिजली के बिल को कम करना है लेकिन बिजली का बिल कम करने का लक्ष्य भी अभी छह महीने दूर है। मौजूदा समय में नगर निगम करीब 20 करोड़ रुपये सालाना बिजली का बिल सिर्फ स्ट्रीट लाइट के लिए ही दे रहा है। हालांकि कंपनी का दावा है कि एलइडी स्ट्रीट लाइट लगने के बाद बिजली का बिल 65 से 70 फीसद तक कम हो सकता है लेकिन नगर निगम भविष्य में नई लाइट्स की जरूरतों को देखते हुए लोड 50 फीसद ही कम करवाएगी। ऐसे में नगर निगम को सालाना 10 करोड़ की बचत होगी।

इसके लिए नगर निगम को शहर में स्ट्रीट लाइट के लिए लिए गए सभी बिजली कनेक्शन का लोड कम करवाना होगा। नगर निगम के पास स्ट्रीट लाइट के करीब 630 बिजली के कनेक्शन है। एलइडी स्ट्रीट लाइट का प्रोजेक्ट कोरोना संक्रमण के कारण हुए लाकडाउन और किसान मोर्चा के कारण दिल्ली बार्डर बंद रहने से प्रोजेक्ट शुरू होने में देरी हुई, अन्यथा अब तक प्रोजेक्ट पूरा हो चुका होता। ------------

स्ट्रीट लाइट के नए जोन बनेंगे, कनेक्शनों में आ सकती है कमी

नगर निगम के स्ट्रीट लाइट के पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर के मुताबिक शहर को 630 इलाकों में बांटा गया है और इसके लिए इतने ही कनेक्शन लिए गए हैं। हालांकि अब इसमें बदलाव होगा और एलइडी स्ट्रिप लाइट्स कांटै्रक्ट कंपनी अपने हिसाब से स्ट्रीट लाइट के अलग-अलग जोन तैयार कर रही है क्योंकि इससे मैनेजमेंट आसान होगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकेंगी। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। नगर निगम के सुपरिटेंडिग इंजीनियर सतिदर कुमार ने कहा कि बिजली के कनेक्शन के लोड कम करने के लिए करीब 60 एप्लीकेशन पावरकाम को दी गई हैं। बाकी कनेक्शन का भी सर्वे चल रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली के लोड को कम करने में अभी छह महीने का समय और लग जाएगा और नए साल में ही नगर निगम को बिजली बिल में फायदा मिलना शुरू होगा। कंपनी जब अलग एरिया के स्ट्रीट लाइट जोन बनाएगी तो कई जगह बिजली के कनेक्शन भी कम हो सकते हैं। सभी स्ट्रीट लाइट लगने के बाद कंपनी चेक करेगी कि किस इलाके में नए स्ट्रीट लाइट्स पॉइंट्स जुड़े हैं और कहां कमी आई है। किन इलाकों में नए पॉइंट्स लगने की संभावना है और उसी के आधार पर कनेक्शनों का लोड तय होगा। ------------

निगम में होगा कंपनी का कंट्रोल रूम, एक कमांड से आन हो सकेंगी शहर की सभी लाइटें

एलइडी स्ट्रीट लाइट कंपनी अपना कंट्रोल रूम नगर निगम प्रशासनिक कांप्लेक्स में ही बनाएगी। इससे नगर निगम अधिकारियों के लिए भी मानिटरिग करना आसान होगा। निगम ने कंपनी को इसके लिए प्रशासकीय कांप्लेक्स में जगह उपलब्ध करवाई है। कंपनी से एग्रीमेंट के तहत शहर में हाईटेक एलईडी लाइट्स लगाई जानी है जो कंट्रोल रूम से ही आपरेट हो सकेंगी। अगर किसी इलाके में स्ट्रीट लाइट में फाल्ट होगा तो वह भी तुरंत कंट्रोल रूम में पता लग जाएगा। एलईडी लाइट्स लगने के बाद बिजली चोरी की घटनाएं भी बंद हो जाएंगी और अगर कोई स्ट्रीट लाइट को सप्लाई होने वाली बिजली लाइन में गड़बड़ी करेगा तो इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम में पहुंचेगी।

Edited By: Jagran