जागरण संवाददाता, जालंधर

थाना भोगपुर पुलिस पर 21 लाख की धोखाधड़ी के मामले में फर्जी ट्रैवल एजेंट को भगाने का आरोप लगा है। ठगी के शिकार हुए पीड़ितों ने कहा कि आरोपितों को गिरफ्तार करवाने के लिए वह पुलिस के साथ गए थे, लेकिन पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करने की बजाए छोड़ दिया।

वीरवार को प्रेस क्लब पहुंची होशियारपुर के गांव अब्दुलपुर निवासी बुजुर्ग महिला चरण कौर पत्नी अजीत सिंह और सुखविदर सिंह ने बताया कि भोगपुर निवासी सुखविदर सिंह ने उनसे 21 लाख 30 हजार रुपये कनाडा का वीजा लगवाने के लिए थे।सुखविदर सिंह ने उनका वीजा नहीं लगाया और न ही उनके पैसे लौटाए। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत पर थाना भोगपुर पुलिस ने उक्त ट्रैवल एजेंट सुखविदर, उसकी पत्नी और साले के खिलाफ केस दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए उन्होंने अपने स्तर पर आरोपितों के छिपे होने का पता लगाया। इसके बाद वह भोगुपर पुलिस को लेकर हिमाचल प्रदेश के ऊना में पहुंचे थे। वहां एक घर नुमा दफ्तर में आरोपित अपने बेटे के साथ मौजूद था। पुलिस ने उक्त आरोपित को काबू भी किया, लेकिन उसको गिरफ्तार करने की बजाए उसे छोड़ दिया। चरण कौर ने कहा कि वह यह देख कर हैरान रह गई कि जिसे आरोपित को पकड़वाने के लिए वह पुलिस को लेकर आई थी, उसने बड़ी ही आसानी से पुलिस के साथ सैटिग कर ली।

वहीं, थाना भोगपुर के एसएचओ नरेश कुमार ने बताया कि उक्त बुजुर्ग महिला के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। पुलिस ने रेड कर एक आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि मुख्य आरोपित सुखविदर सिंह और उसकी पत्नी को गिरफ्तार करने के लिए ऊना स्थित उनके ठिकाने में रेड की गई थी, जहां से दोनों आरोपित फरार थे जबकि उनका नाबालिग बेटा मौके पर मिला था। एसएचओ ने कहा कि उक्त बुजुर्ग महिला चाहती थी कि पुलिस मौके से आरोपितों के नाबालिग बेटे को गिरफ्तार करे, लेकिन पुलिस ऐसा नहीं कर सकती। फिलहाल फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

Posted By: Jagran

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