शाम सहगल, जालंधर

जालंधर के गांव भगवानपुर के रहने वाले जवाहर लाल शर्मा अपने जीवन के 100वें साल में इस बार मतदान करेंगे। 12 फरवरी 1922 को जन्में जवाहर लाल पंजाब में मतदान से आठ दिन पहले 100 साल के हो जाएंगे। अब तक संसदीय, पंचायत, विधानसभा अन्य उपचुनाव में कुल 78 बार वह वोट डाल चुके हैं। उम्र के इस पड़ाव में भी मतदान करने के लिए उत्सुक हैं और 20 फरवरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। खास बात यह है कि वह न केवल अपने मत का इस्तेमाल करेंगे, बल्कि अपने संपर्क में आने वालों को भी इसके लिए जागरूक कर रहे है। 'दैनिक जागरण' से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि 90 के दशक से पहले चुनाव के शोर के बीच सद्भाव के स्वर जीवित रहते थे। पहले प्रचार करते समय केवल अपनी व अपनी पार्टी की बात की जाती थी। उसकी उपलब्धियां बताई जाती थी लेकिन समय के साथ अब प्रत्याशी एक दूसरे पर कीचड़ उछालने से परहेज नहीं करते। पहले पोस्टर, झंडे, होर्डिंग्स से लेकर शर्ट पर लगाने वाले बिल्ले बच्चों को भी आकर्षित करते थे। चुनाव सामग्री का कारोबार काफी होता था तो शहर में भी चुनाव का माहौल देखने को मिलता था। अब प्रचार वैसा नहीं रहा। आज भी मलाल

12 साल की उम्र में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ जेल काटने वाले जवाहर लाल शर्मा आज भी मलाल है कि चुनाव लड़ने के लिए शिक्षित होने की अनिवार्यता न पहले रही और न ही अब। देश की कमान शिक्षित नेता के हाथ होना जरूरी है। कारण, शिक्षित वर्ग ही सभ्य समाज का निर्माण कर सकता है।

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