जालंधर, [मनुपाल शर्मा]। प्रत्येक बस में 50 फीसद यात्री, शारीरिक दूरी और मास्क आदि की गाइडलाइंस को तोड़ते हुए जालंधर के मोता सिंह नगर से एक स्लीपर बस 45 यात्रियों को लेकर बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना हो गई। बस लगभग 40 घंटे का सफर तय करने के बाद वीरवार सुबह 11 बजे के बाद पूर्णिया पहुंचेगी। इस दौरान बस यात्री कोरोना वायरस संक्रमण से जंग लड़ते हुए जाएंगे। पंजाब सरकार की तरफ से राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति से कोविड नेगेटिव रिपोर्ट की मांग की जा रही है। पंजाब रोडवेज ने अपने तमाम इंटर स्टेट रूट बंद कर दिए हैं। बावजूद इसके निजी अवैध बसें धड़ल्ले से रोजाना कई राज्यों के बॉर्डर क्रॉस करती हुई चल रही हैं। 

पूर्णिया के लिए रवाना हुई बस बिहार के लिए ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के यात्रियों को भी साथ लेकर गई है। मोता सिंह नगर में यात्रियों को बस में सवार करा रहे निजी बस कंपनी के कारिंदे ने बताया कि पूर्णिया तक 2200 रुपये प्रति यात्री वसूला गया है। वहीं, गोरखपुर तक की टिकट 1800 रुपए प्रति यात्री लिए गए हैं। जो यात्री बसों में सामान रख रहे हैं। उनसे सामान का किराया भी अलग से लिया जा रहा है।

अवैध बसों पर कार्रवाई नहीं कर रहा परिवहन विभाग

पंजाब रोडवेज के अधिकारी इन अवैध बसों पर कार्रवाई न करने के लिए परिवहन विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पास इन पर कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। हैरानीजनक यह है कि यह बस पीएपी चौक को क्रॉस करती हुई लुधियाना की तरफ बढ़ी। पीएपी चौक में भी ट्रैफिक मुलाजिम तैनात थे और चहेडू पुल के ऊपर भी। खेड़ी पुल क्रॉस करते ही बस के स्टॉफ के साथ पुलिस मुलाजिमों की गुपचुप मीटिंग भी हुई और बस गंतव्य के लिए रवाना हो गई।

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