मनुपाल शर्मा, जालंधर। तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बरसात में जालंधर-पानीपत सिक्स लेन हाईवे से छोटे वाहनों का निकल पाना मुश्किल हो गया है। जालंधर में से गुजर रहे 22 किलोमीटर लंबे हाईवे के पर जगह-जगह पानी भरा है। कई जगह सर्विस लेन तक पानी में डूब गई है। बरसात ने हाईवे निर्माण की खामियों को भी उजागर कर डाला है। ट्रांसपोर्ट नगर फ्लाईओवर के नीचे सर्विस लेन में पानी जमा होने से वाहनों का गुजरना तो मुश्किल हो गया था। अब फ्लाईओवर के ऊपर लगे क्रैश बैरियर भी अपनी जगह से कंक्रीट समेत सरक गए हैं।

वीरवार सुबह से हो रही बरसात में एक बार फिर से ट्रांसपोर्ट नगर से लेकर परागपुर तक हाईवे पानी में डूब गया है। सर्विस लेन से गुजरना लगभग असंभव हो गया है। जगह-जगह पड़े गड्ढों की वजह से अब वाहनों को नुकसान भी पहुंच रहा है। शहर के भीतर से लुधियाना, अमृतसर, पठानकोट की तरफ जाने वाला ट्रैफिक पीएपी से संकरी सर्विस लेन पर ही रामा मंडी तक जाता है, लेकिन यह सर्विस लेन भी पानी में डूबी हुई है।

हालात यह है कि वाहन चालक गहरे पानी में चलने के बजाय किनारे पर ही चलते हैं। इस वजह से पीएपी चौक तक ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी हुई है। जलभराव रामा मंडी से शहर के भीतर आ रही सर्विस लेन के ऊपर भी है, लेकिन यह हिस्सा चौड़ा होने की वजह से इतनी ज्यादा परेशानी नहीं हो रही थी।

दैनिक जागरण ने पहले ही जता दी थी आशंका

इससे पहले इसी फ्लाईओवर के कई हिस्से मिट्टी निकल जाने से बैठ गए थे और इसका कसूरवार चूहों को बनाया जा रहा था। हैरानी की बात है कि हाईवे बरसात के कारण जर्जर हो गया लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने लोगों को तुरंत राहत देने की कोई कोशिश नहीं की। दैनिक जागरण की तरफ से पहले ही इस बात की आशंका जताई गई थी कि रखरखाव में लापरवाही के चलते बरसात में हाईवे पर स्थिति बेहद खराब हो सकती है।

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Edited By: Pankaj Dwivedi