जालंधर [मनुपाल शर्मा]। जालंधर के बीचोंबीच से गुजर रहा 22 किलोमीटर लंबा जालंधर-पानीपत सिक्स लेन हाईवे रखरखाव के अभाव में हादसों से लेकर बीमारी तक की सौगात दे रहा है। बावजूद इसके रखरखाव को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) और नगर निगम की उदासीनता राहगीरों पर भारी पड़ रही है। हाईवे का रखरखाव एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन हाईवे शहर के बीचो बीच से गुजर रहा है। बावजूद इसके नगर निगम इसे अपनी जिम्मेदारी न बता कर पल्ला झाड़ रहा है। हाईवे के आसपास रहने वाले महानगर के बाशिंदों एवं राहगीरों की समस्याओं को लेकर निगम की तरफ से एनएचएआइ से कोई बात नहीं उठाना इस वजह से भी परेशानी वाला बनकर रह गया है, क्योंकि हाईवे से बंधी अपनी समस्याओं के निपटारे के लिए लोग अथॉरिटी तक जा ही नहीं पा रहे हैं।

बिना रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था के रात के समय हाईवे का अंधेरे में डूबे रहना, बारिश के पानी की निकासी न हो पाना और रिहायशी क्षेत्र के मुताबिक हाईवे से एंट्री एग्जिट न मिल पाना जैसे अति महत्वपूर्ण मसले भी नगर निगम की तरफ से नजरअंदाज किए जा रहे हैं। लोगों का सीधा संपर्क पार्षद तक रहता है लेकिन वहां से उन्हें यह जवाब दिया जाता है कि हाईवे निगम के अधिकार क्षेत्र में ही नहीं है। हालांकि इससे पहले जालंधर के पूर्व डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा की तरफ से बदहाल हाईवे की हालत सुधारने के लिए एनएचएआइ को लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे और हाईवे की हालत में सुधार भी करवाया गया।

इस बारे में विधानसभा हलका जालंधर सेंट्रल के विधायक राजेंद्र बेरी ने कहा कि लोगों की हाईवे संबंधी समस्याओं के निपटारे के लिए हर हाल में निगम की तरफ से एनएचएआई के साथ मामला उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम कमिश्नर एवं मेयर को एनएचआइ अधिकारियों से बात करने के लिए कहा जाएगा, ताकि शहर के लोगों को हाईवे की वजह से परेशान न होना पड़े।

 

Edited By: Vinay Kumar