जालंधर , जागरण संवाददाता। पंजाब कांग्रेस प्रधान बनने के बाद पहली बार जालंधर पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू ने इशारों में एक बार फिर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा। सिद्धू बोले, मैं कांग्रेसियों के दिलों की पहरेदारी करता आया हूं। मैं उनका पहरेदार हूं। पंजाबियों के दिल की आवाज मैं हमेशा से उठाते आया हूं और आगे भी उठाता रहूंगा। फिर बोले- कांग्रेस हाईकमान ने जो 18 सूत्रीय फार्मूला दिया है, उसे पंजाब में हर हाल में लागू करवाकर रहूंगा इसके बीच जो भी रोड़ा आएगा, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सिद्धू बोले, कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पंजाब और पंजाबियों के हितों के कुछ प्रस्ताव रखे हैं। उनमें सबसे अहम प्रस्ताव काले कानून हैं जो संविधान के खिलाफ हैं, उनको खत्म करवाना है। सिद्धू ने कहा काले कानूनों में सबसे अहम बिजली को लेकर कंपनियों के साथ बादल सरकार द्वारा किए गए समझौतों के बाद बनाए गए कानून भी शामिल हैं। विक्रम मजीठिया ने सोलर ऊर्जा को लेकर भी बहुत महंगा करार किया है, ये सभी रद करवाने हैं। पंजाब के लोगों को बिजली नहीं मिल रही है जबकि सरकार बादलों द्वारा किए गए समझौतों का भुगतान कर रही है और लोग परेशान हो रहे हैं।

सिद्धू ने कहा कि उन्हें इस बात पर फख्र है कि पंजाब में किसानों को हर साल 10,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है जबकि दिल्ली में केजरीवाल सरकार सिर्फ 17 सौ करोड़ रुपये की सब्सिडी ही देती है। उन्होंने यह इशारा किया कि संभवतः वह आगे से सार्वजनिक तौर पर इन मुद्दों को नहीं उठाएंगे क्योंकि उन्हें संगठन का काम करना है।

बेअदबी मामले में दोषियों को मिले कड़ी सजा

भाजपा का नाम लिए बिना सिद्धू ने सिर्फ बादल सरकार का हवाला देते हुए बिजली के मामले में बादलों को और विक्रम मजीठिया को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए। यह आम लोगों की आवाज है। पंजाब के लोग पूरी दुनिया के लोग यह चाहते हैं कि गुरु साहिब के अंगों की बेअदबी करने वालों को सख्त से सख्त सजा मिले। मामले में जिन लोगों के खिलाफ सबूत हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए। 

नशा तस्करों और पुलिस की मिलीभगत पर भी साधा निशाना

सिद्धू ने बिना किसी का नाम लिए अफसरों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 6 फुट लंबे अधिकारी नशा तस्करों के साथ सोते थे, उनके साथ गहरे रिश्ते थे। हाईकोर्ट में सील बंद लिफाफे में एसटीएफ की तरफ से इस मामले की रिपोर्ट सबमिट की गई है, वे लिफाफे भी खुलने चाहिए। उन्होंने मोगा के पूर्व एसएसपी राजजीत का नाम लिए बिना नशा तस्करी के मामले पर निशाना साधा।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से हो संवाद

सिद्धू ने सभी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि चाहे वह डॉक्टर हों या नर्स। या फिर सफाई कर्मचारी, अगर वे अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनसे संवाद किया जाना चाहिए। उनसे बात की जानी चाहिए। उनकी समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।

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Edited By: Pankaj Dwivedi