जालंधर [प्रियंका सिंह]। स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के लिए प्रसिद्ध जालंधर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। खासतौर पर महिला शिक्षा के क्षेत्र में इस अग्रणी माना जाता है। यहां कई ऐसे कालेज हैं जिन्होंने पंजाब की महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोले हैं। इन्हीं में से एक है कन्या महाविद्यालय। इसे लोग केएमवी नाम से भी बुलाते हैं। वर्ष 1886 में लाला देवराज ने इसकी स्थापना की थी। 135 साल पुराने इस कालेज का रूप समय के मुताबिक बदलता है। यह कालेज उस समय शुरू हुआ था जब लड़कियों को घर से बाहर निकलने तक की मनाही होती थी। कहते हैं देवराज जी ने लड़कियों की शिक्षा को समय की जरूरत बताते हुए यह कालेज शूरू किया था। इसी कारण इसका नाम कन्या महाविद्यालय रखा गया। यहीं पंजाब की लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा का द्वार खुला।

4000 से भी अधिक छात्राएं पढ़ती हैं यहां

जब कालेज की शुरुआत की गई थी तब इस यहां केवल 5 से 10 लड़कियां पढ़ने आती थी। आज 135 साल बाद कालेज विशाल रूप ले चुका है। वर्तमान में यहां 4000 से भी अधिक लड़कियां पढ़ाई कर रही हैं। आसपास के शहरों व राज्यों ही नहीं, बल्कि अन्य देशों की लड़कियां भी यहां उच्च शिक्षा ग्रहण करने आती हैं।

मिलती है हर प्रकार की शिक्षा 

केएमवी में 11वीं कक्षा से लेकर उच्च स्तर की शिक्षा दी जाती है। जैसे कि वोकेशनल कोर्स, फोटोग्राफी एंड जर्नलिज्म, एनिमेशन, रिटेल मैनेजमेंट, बीकॉम, बीए ऑनर्स इंग्लिश, बीएससी इकोनॉमिक्स, बीएससी ऑनर्स जैसे अन्य कोर्स करवाए जाते हैं। इसके अलावा पीजी कोर्स में एमएस केमिस्ट्री, एमए. साइकोलॉजी, एमए फाइन आर्ट्स, एमए. डांस, एमए पंजाबी, एमएजेएमसी जैसे अन्य कोर्स भी करवाए जाते हैं।

कालेज को मिले कई सम्मान

केएमवी को हेरिटेज ऑटोनामस संस्थान का सामान  मिला हुआ है। महिला शिक्षा की अग्रणी संस्था केएमवी लंबे समय से उत्तर भारत में महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। इसे एनएएसी से 'A' ग्रेड प्राप्त है। यह कालेज राष्ट्रीय महत्व के कुछ चुनिंदा संस्थानों में शामिल हैं। केएमवी जीएनडीयू के तहत एकमात्र कॉलेज है जिसे युवा भारत के कौशल विकास और प्रगतिशील शिक्षा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कौशल विकास केंद्र बनाया है। इसके अलावा भी कालेज कई सम्मान प्राप्त कर चुका है।

कॉलेज में हैं कई छात्रावास

कालेज में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, चंडीगढ़, मुंबई, बेंगलुरु, जैसे अन्य राज्यों से लड़कियां आकर उच्च शिक्षा प्राप्त करती हैं। यहां इनके रहने के लिए छात्रावास की व्यवस्था है।

वातावरण को सुंदर बनाते हैं यहां के मोर

कॉलेज कैंपस में 100 से भी अधिक मोर विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। इससे कालेज के वातावरण को चार चांद लग जाते हैं। कैंपस में दिन भर घूमते मोरों को देखकर स्टाफ और छात्राएं काफी खुश होती हैं।

स्टेशन से मात्र तीन किमी दूर

कन्या महाविद्यालय सिटी रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर दूर है। निजी वाहन, आटो या अन्य साधनों से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। डा. अतिमा शर्मा द्विवेदी कालेज की वर्तमान प्रिंसिपल हैं। अगर आप भी उच्च शिक्षा लेने के लिए किसी प्रसिद्ध कालेज की खोज में है तो यहां दाखिला लेना अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

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