जालंधर, जेएनएन। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लंबे समय तक लगे लॉकडाउन और उससे कारोबार प्रभावित होने के कारण नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग की इनकम पर भी बुरा असर पड़ा है। नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स से मिलने वाली आय में 5 से 6 करोड रुपये का नुकसान हुआ है। नगर निगम को 30 सितंबर तक कमर्शियल प्रॉपर्टीज से ज्यादा टैक्स मिलता था लेकिन इस बार लॉकडाउन से कारोबार प्रभावित रहा है और होटल इंडस्ट्री और बड़े शोरूम से टैक्स नहीं आ रहा।

होटल इंडस्ट्री और शोरूम मालिक इस उम्मीद में हैं कि जिस तरह सरकार ने कई अन्य सेक्टर में राहत दी है उसी तरह प्रॉपर्टी टैक्स में भी छूट जारी हो सकती है। नगर निगम को अक्टूबर के अंत तक 20 करोड़ रुपये तक का रेवेन्यू प्राप्त हो जाता था लेकिन इस बार यह 13 करोड़ रुपये के आस पास आकर रुक गया है।

प्रॉपर्टी टैक्स की वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम के तहत दूसरे चरण में 31 अक्टूबर तक 10% जुर्माने के साथ पिछले सालों का बकाया टैक्स जमा करवाया जा सकता है। प्रॉपर्टी मालिकों को किसी भी तरह का ब्याज नहीं देना होगा। नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट महीप सरीन के अनुसार इस समय रोजाना पांच से छह लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स आ रहा है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में कलेक्शन में तेजी आने की संभावना है।

पिछले वर्ष की तुलना में 30,000 कम लोगों ने टैक्स जमा करवाया

पिछले साल प्रॉपर्टी टैक्स मिलने में तेजी रही थी और करीब एक लाख लोगों ने टैक्स जमा करवाया था। पिछले साल सितंबर तक 70,000 लोगों ने टैक्स जमा करवा दिया था लेकिन इस बार यह आंकड़ा 40,000 के आसपास ही अटक गया है।

 

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