यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हाकी खिलाड़ी मनदीप को अर्जुन पुरस्कार मिलने पर परिवार में खुशी की लहर, बोले- 2024 में गोल्ड का लक्ष्य
भारतीय हाकी टीम के सदस्य मनदीप सिंह को अर्जुन अवार्ड दिए जाने की घोषणा से उनके परिवार में खुशी की ...और पढ़ें

मनुपाल शर्मा, जालंधर। टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हाकी टीम के सदस्य मनदीप सिंह को अर्जुन अवार्ड दिए जाने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद गांव मिट्ठापुर उनके परिवार में खुशी की लहर है। स्वजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इसकी खुशी मनाई। अब परिवार की तमन्ना है कि मनदीप वर्ष 2024 ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड जीतकर लौटे।
रविंदर सिंह एवं दविंदरजीत कौर के छोटे बेटे मनदीप सिंह ने पहली बार वर्ष 2012 में जूनियर एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। अपने शानदार खेल की दम पर उन्होंने जल्द ही सीनियर हॉकी टीम में भी जगह बना ली थी। मनदीप ने वर्ष 2013 में खेले गई हाकी वर्ल्ड लीग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था। तब से वह 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। उन्होंने रियो ओलंपिक को छोड़कर हर बड़े आयोजन में भारतीय टीम की ओर से हिस्सा लिया है।
दिवाली पर 8 दिन की छुट्टी पर घर आएंगे मनदीप
मौजूदा समय में मनदीप सिंह बेंगलुरु में चल रहे भारतीय हाकी टीम के कैंप में हिस्सा ले रहे हैं। पिता रविंदर सिंह ने कहा कि मनदीप दिवाली से पहले 8 दिन के लिए छुट्टी पर आ रहे हैं। पूरा परिवार बेसब्री से उनका इंतजार कर रहा है। वीरवार को मनदीप सिंह को अर्जुन अवार्ड दिए जाने की घोषणा होने के बाद उनकी बुआ तेजेंदर कौर, बेटियों नवलीन कौर और हरनंदन कौर ने उनके परिवार के साथ मिठाइयां बांटी। उन्होंने बताया कि बेटे को पुरस्कार मिलने पर घर पर बधाइयों देने वालों के लगातार फोन आ रहे हैं।
40 साल बाद भारत ने टोक्यो में जीता था ओलिंपिक पदक
बता दें कि भारतीय हाकी टीम ने टोक्यो ओलिंपिक-2020 में मास्को ओलिंपिक के बाद पहली बार पदक जीतकर इतिहास रचा था। टीम ने कांस्य पदक के लिए हुए रोमांचक मुकाबले में जर्मनी की टीम को 5-4 से पराजित किया था। इससे पहले वर्ष 1980 के मास्को ओलिंपिक ने भारतीय हाकी टीम ने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया था।
