जागरण संवाददाता, जालंधर : कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों ने एक बार फिर आंदोलन तेज करना शुरू कर दिया है। छह फरवरी को किसान संगठन सड़क जाम कर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने इमरजेंसी सेवाओं को लेकर आने जाने वाले लोगों, शादी विवाह की बारात तथा एंबुलेंस को चक्का जाम से छूट देने का फैसला किया है।

भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के जिला प्रधान जसवंत सिंह ने बताया कि शनिवार को किसान संगठन नकोदर रोड स्थित प्रतापपुरा में सड़क पर धरना देकर ट्रैफिक जाम करेंगे। सैकड़ों किसान 12 से तीन बजे तक सड़क रोक कर अपनी आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन बेवजह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता है। चक्का जाम के दौरान पुलिस, मीडिया, सेना तथा तमाम इमरजेंसी सेवाओं के लिए आने जाने वालों को छूट दी जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के यूथ प्रधान अमरजोत सिंह ने कहा कि संगठन किसानों के साथ मिलकर पीएपी चौक में दोपहर 12 से तीन बजे तक ट्रैफिक जाम कर धरना प्रदर्शन करेगा। संगठन के पदाधिकारी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे । उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में जो किसान गिरफ्तार किए थे उनकी रिहाई, किसानों के खिलाफ मामले तथा किसान विरोधी कानून रद करने की मांग को लेकर चक्का जाम कर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। उधर दोआबा किसान संघर्ष कमेटी के प्रवक्ता गुरप्रीत सिंह ने कहा कि इस संदर्भ में छह जनवरी को किशनगढ़ में किसान चक्का जाम कर रोष प्रदर्शन करेंगे।

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