मनुपाल शर्मा, जालंधर। इतिहास में पहली बार चुनाव के जरिए चयनित जालंधर की डीसी ऑफिस कर्मचारी यूनियन कलह के चलते अपने गठन के महज 20 दिन के बाद ही भंग कर देनी पड़ी है। यूनियन के अध्यक्ष नरेश कुमार कौल ने यूनियन भंग करने संबंधी डिप्टी कमिश्नर, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और सभी कर्मचारियों को आधिकारिक सूचना भेज दी है। 

पत्र में नरेश कुमार कौल ने लिखा है कि वह यूनियन के ग्रुप में हो रही खींचतान से परेशान हैं। उन्हें अपना दिमागी संतुलन बिगड़ जाने का भी खतरा है। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा है कि यूनियन के मुख्य सलाहकार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। इस वजह से ऐसे हालात में उनके लिए काम करना संभव नहीं है। इसलिए, वह डीसी आफिस कर्मचारी यूनियन भंग कर रहे हैं।

चुनाव हारने वाला ग्रुप धरने पर बैठा

वहीं, दूसरी तरफ चुनाव हार जाने वाला ग्रुप तबादला नीति को आधार बनाकर धरने पर बैठ गया है। पवन कुमार वर्मा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। नरेश कुमार कौल से चुनाव हारने वाले पूर्व अध्यक्ष तजेंद्र सिंह, जगदीश कुमार सलूजा, कर्मवीर सिंह एवं प्रमोद कुमार भी साथ बैठे हैं। इन कर्मचारियों का तर्क है कि तबादला नीति के तहत तबादले किए ही नहीं जा रहे हैं। प्रत्येक शुक्रवार को तबादलों की सूची जारी हो रही  है। वर्षों से एक ही पद पर बैठे सिफारिश वाले मुलाजिमों को नहीं बदला जा रहा है। दूसरी ओर विरोधी गुट का दावा है कि मलाईदार पद एवं कम कामवाली सीटें छोड़ देने की वजह से ही तबादला नीति के खिलाफ सवाल उठ रहे हैं।

बीते 20 दिन से यूनियन की तरफ से बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप पर माहौल खासा गर्म चल रहा था। इसमें आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी था। नवनियुक्त अध्यक्ष नरेश कुमार चुप्पी साधे हुए थे, लेकिन ग्रुप में खींचतान लगातार बढ़ती जा रही थी। इसके बाद मंगलवार सुबह नरेश कुमार ने यूनियन ही भंग कर दी। मंगलवार सुबह से ही डीसी आफिस कर्मचारियों में यूनियन को लेकर ही चर्चा चल रही है। इससे काम भी प्रभावित हो रहा है। अधिकतर मुलाजिम वाट्सएप ग्रुप में चल रहे मैसेज के आदान-प्रदान को खासी रुचि लेकर पढ़ रहे हैं।

Edited By: Pankaj Dwivedi