यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जालंधर में बिजली की तारों में लिपटी चाइना डोर की चपेट में आने से झुलसे बच्चे की मौत, इलाके में शोक की लहर
जालंधर में चाइना डोर की चपेट में आने से झुलसे बच्चे की लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में मौत हो गई। ...और पढ़ें

जालंधर, जेएनएन। सूर्या एंक्लेव के साथ लगते झांसी नगर में पतंग उतारते समय बिजली की तारों की चपेट में आने से झुलसे बच्चे अंकुश की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। अंकुश पिछले करीब दस दिनों से जिंदगी और मौत के बीच में झूल रहा था। लुधियाना के डीएमसी में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। लोगों का कहना था कि चाइनीज डोर की वजह से उसकी जान गई है।
लोगों का आरोप था कि पुलिस यदि समय रहते ही चाइना डोर बेचने वालों पर कार्रवाई करती तो आज शायद अंकुश की जान बच सकती थी। वहीं पुलिस ने दावा किया था कि अंकुश बिजली की तारों में फंसी पतंग को लोहे की पाइप से छुड़ाते समय करंट लगने से झुलसा था।
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बीते दिनों झांसी नगर में रहने वाला बच्चा अंकुश घर की छत पर पतंग उड़ा रहा था। तभी उसने बिजली की तार में लिपटी चाइना डोर का एक छोर छू लिया। बिजली का जोरदार झटका लगने से वह बुरी तरह झुलस गया। उसके पास पतंग उड़ा रहे दो और बच्चे भी घायल हुए थे। घटना के बाद एरिया की पार्षद शैली खन्ना भी मौके पर बच्चे के परिवार के पास पहुंची और उसे सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया था।
पार्षद शैली खन्ना समेत अन्य लोगों ने कहा कि वह डीसी घनश्याम थोरी से चाइना डोर बेचने वालों पर मामला दर्ज करने की मांग की थी। वहीं सिविल अस्पताल के डा. रंजोत के अनुसार तेज करेंट लगने से अंकुश 90 प्रतिशत तक जल गया था और बाद में उसे डीएमसी लुधियाना रेफर कर दिया गया था।
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नहीं थम रही चाइना डोर की बिक्री
जिला प्रशासन की ओर से चाइना डोर बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद जानलेवा चाइना डोर की बिक्री रुक नहीं रही है। पुलिस की नाक के नीचे लगातार पतंक दुकानदार इसे बेच रहे हैं। पहले भी कई बच्चे और अन्य लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। वहीं, अगर पुलिस कार्रवाई भी करती है तो कमजोर कानून के कारण दुकानदार बच निकलता है।
