जागरण संवाददाता, जालंधर : स्मार्ट सिटी के सबसे अहम और शहर की सुरक्षा एवं ट्रैफिक सिस्टम को कंट्रोल करने के लिए बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) को मंगलवार को स्मार्ट सिटी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। चंडीगढ़ में मंगलवार शाम हुई बोर्ड की बैठक में आइसीसीसी प्रोजेक्ट पर फैसला लिया गया। इससे पहले सोमवार को स्टेट लेवल टेक्निकल कमेटी की बैठक में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी गई थी। जालंधर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ विशेष सारंगल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर 93 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पुलिस विभाग को शहर के ट्रैफिक व ट्रांसपोर्ट सिस्टम और संवेदनशील इलाकों के साथ ही शहर के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स का सर्वे कर शहर में सर्विलांस सिस्टम को अत्याधुनिक बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस ने सर्वे कर स्मार्ट सिटी सीईओ को सौंपी रिपोर्ट में शहर में 1200 कैमरे लगाने का प्रस्ताव सौंपा था। इसके साथ ही इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का कंट्रोल रूम पुलिस लाइंस में बनाने के लिए भी पुलिस कमिश्नर ने मंजूरी दे दी है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से पहले स्मार्ट सिटी के तहत शहर की 3 पार्को और पांच चौराहों को विकसित करने व उनके ब्यूटिफिकेशन के प्रोजेक्ट को भी स्मार्ट सिटी बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है। बेहतर टेक्नोलॉजी का होगा प्रयोग, टीमें कर रही अध्ययन

स्मार्ट सिटी सीईओ विशेष सारंगल ने बताया कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को लेटेस्ट तकनीक से बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी कंसल्टेंट टीम इसका अध्ययन करने में जुटी है। विभिन्न मॉडल स्टडी किए जा रहे हैं। इसमें वडोदरा-वाराणसी और अहमदाबाद से भी बेहतर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी से 5 साल तक प्रोजेक्ट चलाने का होगा कांट्रैक्ट

स्मार्ट सिटी सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइंस में करीब 93 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए किसी विशेषज्ञ कंपनी से कांट्रैक्ट किया जाएगा। 4 साल तक कंपनी प्रोजेक्ट को चलाएगी। इसके बाद यह प्रोजेक्ट स्टेट एजेंसी को ट्रांसफर करने के एक साल बाद तक प्रोजेक्ट के रखरखाव की जिम्मेदारी कंपनी की ही होगी। 113 करोड़ का खर्च आने का लगाया गया था अनुमान

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आइसीसीसी स्थापित करने पर करीब 113 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान लगाया गया था। इतनी ही लागत से इस प्रोजेक्ट को पहले डिजाइन किया गया था। पर सिटी लेवल कमेटी जिसमें चारों विधायक भी शामिल हैं, ने इस प्रोजेक्ट के सर्वे की रिपोर्ट पर कुछ आपत्तियां जताई थीं। प्रोजेक्ट का नए सिरे से सर्वे करवा त्रुटियों को दूर किया गया है। इस नए सर्वे के सामने आने के बाद प्रोजेक्ट की अनुमानित कीमत भी 113 करोड़ से घटकर 93 करोड़ रुपये रह गई है।

Posted By: Jagran

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