जालंधर, [कमल किशोर]। जज्बा हो तो जीवन में अवश्य सफलता मिलती है। ये कर दिखाया है 70 साल के उद्योगपति प्रवीण गैंद ने। उनकी जिदंगी में कई उतार-चढ़ाव आए। कुछ वर्षों के लिए स्विमिंग छोड़ी और फिर दोबारा शुरू की और पदक लेकर पंजाब का नाम रोशन किया। उन्होंने 19 व 20 अक्टूबर को लखनऊ में हुई ऑल इंडिया मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य व जालंधर का नाम रोशन किया है। प्रवीण गैंद ने 400 मीटर व 200 मीटर में स्वर्ण पदक जीता।

चैंपियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों से एक हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। पंजाब से 13 खिलाड़ी चयनित हुए थे। प्रवीण की इंडस्ट्रीयल एस्टेट में एसके नाम से इंडस्ट्री है। यहां मशीन टूल्स तैयार किए जाते हैं। उन्होंने 1964 में स्विमिंग करनी शुरू की थी। वर्ष 1972 में पिता वेद प्रकाश के साथ कारोबार में जुड़ गए। काम का बोझ अधिक होने से स्विमिंग छोड़ दी। इंडस्ट्रीयल एस्टेट एसोसिएशन के प्रधान सूबा सिंह व गुरशरण सिंह ने पदक विजेता प्रवीण गैंद का जालंधर पहुंचने पर स्वागत किया और केक काटा। इस अवसर पर एसोसिएशन के सदस्य संजय गोयल, विजय अग्रवाल, जसविंदर सिंह, गुरचरण सिंह वे बधाई दी।

वर्ष 2013 में दोस्तों से दोबारा शुरू करवाई स्विमिंग

प्रवीण ने बताया कि कभी कभार इंडस्ट्री की मीटिंग होती तो इंडस्ट्री से जुड़े लोग व जो मेरे दोस्त हैं उन्होंने स्विमिंग दोबारा शुरू करने को प्रेरित किया। उन्ही से प्रेरित होकर 2013 में दोबारा स्विमिंग शुरू की। प्रवीण को स्विमिंग के साथ साथ बैडमिंटन खेलने का भी शौक है। प्रवीण ने वर्ष 2016 में हैदराबाद में ऑल इंडिया मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप में प्रवीण ने रजत पदक जीता था।

कारोबार के साथ फिजिकल एक्टीविटी जरूर करें : प्रवीण

स्वर्ण पदक विजेता उद्योगपति प्रवीण गैंद ने बताया कि कारोबार चलता रहता है लेकिन सेहत को फिट रखने के लिए कोई न कोई फिजिकल एक्टीविटी करते रहना चाहिए। इससे शरीर फिट रहता है। बुढ़ापे में भी आप हर काम चुस्त होकर करते हैं।

 

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