जालंधर, जेएनएन। पंजाब में पहली बार शुरू हुई रेलवे की डीएमयू सेवा के 25 साल पूरे होने पर रेलवे प्रशासन की तरफ से फिरोजपुर मंडल में अब मेडिकल बोगी की तैनाती की जाएगी। बता दें कि वर्ष 1994 में पहली बार जालंधर से होशियारपुर के लिए डीएमयू चलाई गई थी। जालंधर की डीईएमयू शेड भारतीय रेलवे की सबसे बड़ी और पुरानी शेड है। डीएमयू की रजत जंयती पर भारतीय रेलवे की ओर से स्वचालित दुर्घटना बचाव चिकित्सा बोगी रेसक्यू मेडिकल वैन फिरोजपुर मंडल में तैनात करने जा रहा है। इस बोगी को तैनात करने का मुख्य उद्देश्य रेल दुर्घटना के दौरान घायल यात्रियों को तुरंत मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाना है।

बोगी की विशेषता

स्वचालित होने के कारण घटनास्थल पर पहुंचने में समय की बचत होगी। इसके लिए इंजन की अलग से व्यवस्था नहीं करनी होगी। इसमें तीन डिब्बे होंगे जिनमें ऑपरेशन थिएटर सहित चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। एक डिब्बा स्टाफ के लिए तथा एक उपकरणों के लिए होगा।

इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट भी होगी शुरू

इसी के साथ ही रेलवे फिरोजपुर मंडल में मेन लाइन पर इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) की शुरुआत करेगा। ईएमयू 1400 यात्रियों को ले जा सकेगा।

डीईएमयू सेवा दूसरी यात्री गाडिय़ों से बेहतर

डीईएमयू सेवाएं जालंधर से शुरू की गईं जो मेन लाइन पर होने के कारण अमृतसर, लुधियाना, तथा जम्मूतवी को जोड़ती है। नकोदर, होशियारपुर तथा फिरोजपुर छावनी के लिए जंक्शन का काम करती है। डीईएमयू सेवाएं दूसरी यात्री गाडिय़ों के मुकाबले अधिक लाभदायक हैं क्योंकि इसका रिवर्सल टर्मिनल स्टेशन पर शीघ्र हो जाता है। इसके लिए अलग से लोकोमोटिव की जरूरत नहीं पड़ती।

Posted By: Pankaj Dwivedi

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