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जालंधर में हॉकी स्टार मनदीप के घर पहुंची टीम इंडिया, कोच और खिलाड़ियों ने चखा पंजाबी जायका; ढोल की थाप पर किया भांगड़ा

By Surinder SinghEdited By: Prince Sharma
Published: Wed, 28 Oct 2026 09:40 AM (IST)

एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जालंधर पहुंची भारतीय टीम ने फॉरवर्ड मनदीप सिंह के घर मिट्ठापुर में पंजाबी व्यंजनों का स्वाद चखा।

मिट्ठापुर में फारवर्ड मनदीप सिंह के घर पहुंचे भारतीय टीम के खिलाड़ी। इस दौरान कई खिलाड़ियों के स्वजन भी साथ थे (जागरण- फोटो)

मिट्ठापुर में फारवर्ड मनदीप सिंह के घर पहुंचे भारतीय टीम के खिलाड़ी। इस दौरान कई खिलाड़ियों के स्वजन भी साथ थे (जागरण- फोटो)

HighLights

  1. भारतीय हॉकी टीम ने मनदीप सिंह के घर पंजाबी खाने का लुत्फ उठाया

  2. खिलाड़ियों और कोचों ने ढोल पर भंगड़ा कर खूब मस्ती की

  3. मुख्यमंत्री मान ने एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का जालंधर में उद्घाटन किया

सुरिंदर सिंह, जालंधर। एशियन हॉकी चैंपियंस ट्राफी के लिए पहुंची भारतीय टीम के खिलाड़ी परिवार के साथ फॉरवर्ड मनदीप सिंह के मिट्ठापुर स्थित घर पहुंचे। उनके साथ विदेश से आए कोच भी थे। सभी ने पंजाबी खाने का स्वाद चखा। फारवर्ड अभिषेक ने कहा कि यहां का स्वाद लाजवाब है।

टीम इंडिया रविवार को मनदीप के घर दो घंटे से अधिक रुकी। खिलाड़ियों ने ढोल की थाप पर भंगड़ा डाला। मनदीप के पिता रविंदर सिंह ने बताया कि खाने का खास प्रबंध किया था और हलवाई भी बुलाए थे।

विदेश से आए कोचों ने भी हलवाइयों के पास खड़े होकर पंजाबी खाना बनते देखा। इस मुलाकात के दौरान ओलिंपिक पदक विजेता अभिषेक के खाने की पसंद का भी जिक्र हुआ। रविंदर सिंह ने बताया कि अभिषेक को मां के हाथ का बना चूरमा पसंद है। रविंदर सिंह ने कहा कि मनप्रीत सिंह मिडफील्ड के बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनकी कमी महसूस होना स्वाभाविक है।

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फोटो- एशियन हॉकी चैंपियंस ट्राफी के उद्घाटन के मौके पर भंगड़ा पेश करते युवक। जागरण

फारवर्ड मनदीप सिंह की हाकी स्टिक करीब 65 हजार रुपये की है। विदेश से आने वाले इसके बेस को जालंधर में अल्फा हाकी के विशेषज्ञ मनदीप की जरूरत और खेलने के अंदाज के मुताबिक मॉडिफाई करते हैं।

पिता रविंदर सिंह और मां दविंदर कौर ने बताया कि पेशेवर हाकी में खिलाड़ी की जरूरत के अनुसार उपकरण तैयार करना जरूरी होता है। मां दविंदर कौर ने कहा कि बेटे का देश के लिए खेलना गर्व की बात है।

मिट्ठापुर के हाकी खिलाड़ियों के सफर का जिक्र करते हुए मनदीप के पिता रविंदर सिंह ने कोच सुरजीत मिट्ठा को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रशिक्षण से कई खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिला, जिनमें उनका अपना बेटा मनदीप सिंह भी शामिल है।

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जालंधर में एशियन हॉकी चैंपियंस ट्राफी के उद्घाटन के मौके पर भव्य आतिशबाजी भी की गई। विजय शर्मा

हरमनप्रीत के पिता बोले- पंजाब में लाखों हरमन निकल सकते हैं

सुरजीत हॉकी स्टेडियम पहुंचे भारतीय हाकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पिता सर्बजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच बड़ी है। उनके प्रयास से अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट पंजाब में हो रहा है। पंजाब को ऐसा मुख्यमंत्री नहीं मिल सकता। मुख्यमंत्री ने खेलों को बढ़ाया दिया है। वह खेती से जुड़े हुए हैं।

अगर हरमनप्रीत सिंह गांव से निकलकर भारत की टीम का कप्तान बन सकता है तो पंजाब से ऐसे लाखों हरमन निकल सकते हैं, जो विभिन्न खेलों की टीमों के कप्तान बन सकते हैं। सरकारों को दोष नहीं देना चाहिए। बच्चों को ख्याल रखना परिवार की जिम्मेदारी होती है।

65 हजार रुपये में बनती है हॉकी स्टिक

फॉरवर्ड मनदीप सिंह की हॉकी स्टिक करीच 65 हजार रुपये की है। विदेश से आने वाले इसके बेस को जालंधर में अल्फा हाकी के विशेषज्ञ मनदीप की जरूरत और खेलने के अंदाज के मुताबिक मॉडिफाई करते हैं। पिता रविंदर सिंह और में दविदर कौर ने बताया कि पेशेवर हाकी में खिलाड़ी की जरूरत के अनुसार उपकरण तैयार करना जरूरी होता है।

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हॉकी खिलाड़ी मनदीप के पिता रविंदर सिंह और मां दविंदर कौर (फोटो-सुरिंदर सिंह)

मां दविंदर कौर ने कहा कि बेटे का देश के लिए खेलन गर्व की बात है। मिट्ठापुर के हाकी खिलाड़ियों के सफर का जिक्र करते हुए मनदीप के पिता रविंदर सिंह ने कोच सुरजीत मिट्ठा को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्के प्रशिक्षण से कई खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिले, जिनमें उनका अपना बेटा मनदीप भी शामिल है।

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