शाम सहगल, जालंधर

जय महावीर क्लब की तरफ से प्राचीन शिव मंदिर भगत दी खुई बस्ती शेख में होने वाली रामलीला में हैंडटूल व्यापारी राहुल कुमार पिछले एक दशक से रावण की भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि हर वर्ष होने वाली रामलीला के दौरान वह प्रभु श्रीराम के हाथों वध होकर वास्तव में अमर हो जाते हैं। लंबे अर्से से रावण की भूमिका निभाने वाले राहुल की गर्जना अब मंच पर आकर बढ़ जाती है। यही कारण है कि जब वह रावण की भूमिका में मंच के साउंड सिस्टम से दूर होकर भी गरजते हैं तो किसी साउंड की जरूरत नहीं पड़ती है। उनकी गर्जना पूरे पंडाल में खूब गूंजती है।

दैनिक जागरण के साथ बातचीत के दौरान राहुल ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले रामलीला के मंचन के दौरान साउंड सिस्टम में खराबी आ गई थी। उनके रावण के दृश्य का मंचन चल रहा था। इस बीच प्रभु श्रीराम का नाम लेने के दौरान उनकी आवाज में खुद ब खुद ही गर्जना पैदा हो गई। उनकी जुबान पर भगवान का नाम आते ही उर्जा का संचार हो गया। इसके बाद जब भी वह मंच पर रावण की भूमिका निभाने उतरते हैं तो उन्हें साउंड की जरूरत नहीं रहती। राहुल बताते हैं कि रावण की भूमिका अदा करने से मन को सुकून मिलता है। कारण एक तो रावण से बड़ा समूचे ब्रह्मांड में कोई ब्राह्मण नहीं था, दूसरा रावण को श्रीराम के हाथों वध होने का अवसर मिल गया था। वह बताते हैं कि उन्हें कई बार अन्य भूमिका करने की पेशकश भी की गई, लेकिन वो तैयार नहीं हुए। वह कहते हैं कि रामलीला के दौरान तथा इससे पहले रिहर्सल करने के कारण वह अपना कारोबार भी प्रभु श्रीराम पर छोड़ देते हैं। यही कारण है कि उन्हें कभी भी कारोबार की कमी महसूस नहीं हुई।

Edited By: Jagran