जालंधर [अखंड प्रता सिंह]। जालंधर में रोजाना हो रहे सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। हाईवे प्रशासन की लापरवाही के चलते जालंधर के हाईवे पर कब कहां क्या हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है, लेकिन इतना तय है कि अगर आप हाईवे पर जा रहे हैं तो अपनी सुरक्षा खुद करें, नहीं तो काल के गाल में कब समा जाएंगे पता नहीं। दर्जनों ब्लैक स्पाट चिन्हित करने के बाद भी यातायात पुलिस सर्दी की दस्तक व धुंध की शुरुआत होने के बावजूद हाईवे प्रशासन द्वारा सुरक्षा के उपाय करने पर इंतजार कर रही है। यातायात पुलिस द्वारा हाईवे प्रशासन को लिखा भी जा चुका है, लेकिन न तो हाईवे प्रशासन को परवाह है और न ही यातायात पुलिस को। कार्रवाई के नाम पर सालों से पत्रचार का खेल चल रहा है और हाईवे पर बदस्तूर लोगों की जान जा रही है। आने वाले दिनों में धुंध का प्रकोप और बढ़ेगा। उन हालातों में हमारे हाईवे कितने सुरक्षित हैं इसकी पड़ताल दैनिक जागरण ने की तो पाया कि हाईवे पर हर जगह मौत बिखरी पड़ी है। कहीं बजरी और बालू के ढेर पड़े हैं तो कहीं टूटे डिवाइडर हादसों को न्योता दे रहे है।

कोहरे से निपटने के लिए नहीं किए गए इंतजाम

सर्दियों में हाईवे पर हादसे का बड़ा कारण कोहरा बनता है लेकिन अभी तक प्रशासन ने तैयारी नहीं की। मंगलवार देर रात भी गलत दिशा से आ रही एक ट्रक ने करतारपुर जंग ए आजादी के पास खड़ी बस में टक्कर मार दी थी। गाड़ियों पर रिफ्लेक्टर भी नहीं लगाए गए और न दिशासूचक बोर्ड लगे।

एसीपी ट्रैफिक का दावा-काम शुरू कर दिया है, असर दिखेगा

एसीपी ट्रैफिक रोशन लाल ने दावा किया कि जालंधर से लगते हाईवे को हादसामुक्त बनाने के लिए एक प्लान बनाकर उसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस के ब्लैक स्पाट के सर्वे में जिन जगहों को चिन्हित किया गया था उन पर ट्रैफिक पुलिस ने काम शुरू कर दिया है। हाल के दिनों में कुछ हादसे हाईवे पर पार्क हुए ट्रकों के चलते हुए थे। उनको हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। रामामंडी चौक के पास लगने वाली बसों को भी वहां से दूर रोका जा रहा है। चौक से करीब दो सौ मीटर दूर पुलिस का नाका लगाया जा रहा है। पीएपी चौक पर पुल के नीचे खड़ी होने वाली बसों के लिए नई जगह खोज रहे हैं।

रेलिंग दे रही हादसों को न्योता

होशियारपुर रोड स्थित शेखे पिंड के पास हाईवे पर डिवाइडर की रेलिंग टूटकर दो फीट तक हाईवे की तरफ आ गई है। कई महीनों से इसे ठीक नहीं किया गया। धुंध पड़ने वाली है, ऐसे में रात को ये रेलिंग दिखाई नहीं देंगी और हादसे होंगे। अभी भी रेलिंग से टकराकर कई वाहन हादसाग्रस्त हो चुके है।

..यहां तो रेलिंग ही कोई चुरा ले गया

सुच्ची पिंड के पास डिवाइडर पर लगी रेलिंग का करीब 15 फीट का हिस्सा गायब है। इस पर किसी की नजर नहीं गई। लोगों ने इस टूटी रेलिंग को आने-जाने का रास्ता बना लिया है। कई दोपहिया वाहन इसी के ऊपर चढ़कर क्रास करते है।

कहीं रेत तो कहीं बजरी, दोपहिया वाहन चालक खो बैठते हैं संतुलन

रामामंडी फ्लाईओवर के पास हाईवे के किनारों पर मिट्टी के ढेर लगे हैं। दोपहिया वाहन अक्सर इस मिट्टी में फंसकर संतुलन खो बैठते है और हादसों का शिकार हो जाते हैं। कालिया कालोनी के पास भी बजरी और रेत फैली हुई है। तेज रफ्तार से आने वाले कई दोपहिया वाहन बजरी के कारण गिर भी चुके है।

अब तो नेशनल हाईवे के किनारे कूड़े के स्थायी डंप भी बन गए

लापरवाही का आलम ये है कि हाईवे के किनारों पर लोगों ने स्थायी कूड़े के डंप बना लिया। पठानकोट बाईपास से सटी लिंक रोड और हाईवे के बीच टूटी सड़क पर लोगों ने कूड़े के ढेर लगा लिए। यही हालात फोकल प्वाइंट व सुच्ची ¨पड के पास पर है। वहां रोज कूड़ा फेंका जाता है जिनमें जानवर मुंह मारते है और बीच सड़क आकर हादसों का कारण बनते है।

Edited By: Vinay Kumar